राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जहां बचपन में खेले थे खेले, वह सरजमीं आज आग की लपटों से हुई तबाह

जंगल में आज ऐसी घटना घटी कि बचपन की यादें आग की लपटों में जलकर खाक हो गए।

By: Abhishek Gupta

Published: 13 Mar 2018, 06:09 PM IST

Lucknow, Uttar Pradesh, India

कानपुर देहात. आज देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव परौंख जिला कानपुर देहात में स्थित है। करीब 6 माह पूर्व उनके द्वारा राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद परौंख की किस्मत बदल गयी। पूरा सरकारी महकमा परौंख को हाईटेक बनाने में जुटा हुआ है। रामनाथ कोविंद ने कभी अपने बचपन के दिन गांव में गुजारे थे, वो लड़कपने की हंसी ठिठोली और वह गांव के खेल खेलते हुए महज दो किमी की दूरी पर गांव परौंख के मजरा गोपालसिंह का पुरवा तक अपने साथियों के साथ खेलते हुए निकल जाया करते थे। और बाग व जंगल में उछल कूद मचाया करते थे। उसी जंगल में आज ऐसी घटना घटी कि बचपन की यादें आग की लपटों में जलकर खाक हो गए।

गोपाल सिंह का पुरवा गांव में उस समय हड़कम्प मच गया जब वहाे के जंगल में अचानक आग लग गयी और जंगल धूं धूकर जलने लगा। गांव के लोग व चरवाहे इससे पहले कुछ समझ पाते, तेज हवाओं के झोंके से आग ने पूरे जंगल को पूरी तरह चपेट में ले लिया। आग का विकराल रूप देख पहले तो गाँव वालों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग काबू न होती देख पुलिस व दमकल को फोन से सूचना दी। जिसके बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। तत्काल थाना मंगलपुर पुलिस व दमकल घटनास्थल पहुुंचे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। तब जाकर दमकल व पुलिस ने राहत की सांस ली।

देश में आज लोगों की जुबां पर छाया परौंख गांव वास्तव में आज हाईटेक गांवों की श्रेणी में आ चुका है। जहां अनवरत विकास कार्य जारी है। फिर वह परौंख हो या गोपाल सिंह का पुरवा, सूरत लगभग सभी की बदलना तय हो चुकी है। वहीं गोपाल सिंह के पुरवा गाँव में बने जंगल में जब अचानक आग लगी तो गोपाल सिंह का पुरवा क्या राष्ट्रपति जी का गांव परौंख भी दहल उठा। जैसे ही जंगल में आग की ऊंची उठती लपटे दिखाई दी तो आग दूसरे गांव में बढ़ने की शंका लोगों के मन में घर करने लगी। क्योंकि तेज हवाओं के रुख ने ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर कर दिया। फिर एकाएक ग्रामीण बाल्टियों से पानी भर-भर कर आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग बुझने की बजाए बढ़ती ही जा रही थी।

यहां तक कि गोपाल सिंह का पुरवा गांव के लोग आग का भयावह रूप देख घरों से बाहर निकल आये और बचाव के प्रयास में लग गए। तब गांव के रमाशंकर ने मंगलपुर पुलिस व दमकल को घटना की सूचना दी। आनन फानन में पहुंची दमकल ने 2 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद भीषण आग पर काबू पाया। इसके बाद ग्रामीण सहित पुलिस ने चैन की सांस ली। हालांकि इस घटना में कोई खासा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन करीब 20 बीघा जंगल जलाकर खाक हो गया, लेकिन यहां ये सोचने वाली बात जरूर है कि जिस गांव को हाईटेक बनाने की प्रक्रिया जारी है। वहां गर्मी को देखते हुए फायर ब्रिगेड पहले बनना आवश्यक है। मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी ने बताया कि जंगल में आग कैसे लगी इस बात का पता लगाया जा रहा है।

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned