बिना फॉर्म भरे छात्रा ने तीनो वर्ष दी स्नातक परीक्षा, फिर विश्वविद्यालय को संशोधित परीक्षाफल जारी करने को लिखा पत्र

-छात्रा ने बिना फॉर्म भरे ही स्नातक की परीक्षा में तीनो वर्ष दी परीक्षा,

-पत्र में उसने कहा कि मेरे व मेरे पिता का नाम लिखकर संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाए,

-जिस छात्रा ने फॉर्म भरा एवं स्नातक में प्रवेश लिया था वह तीनों वर्ष रही अनुपस्थित,

-इस मामले की जांच के लिए बनाई गई समिति,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 29 Sep 2020, 04:10 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर-छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का एक चौंका दिन वाला प्रकरण सामने आया। विश्वविद्यालय से संबद्ध चौबेपुर के लवकुश इंस्टीट्यूट फॉर हायर एजुकेशन की एक छात्रा ने बिना फॉर्म भरे ही स्नातक की परीक्षा में तीनो वर्ष परीक्षा दी, जबकि छात्रा ने स्नातक में प्रवेश नहीं लिया था। इसका खुलासा तब हुआ जब छात्रा ने विश्वविद्यालय को एक पत्र लिखा, जिसमें उसने कहा कि मेरे व मेरे पिता का नाम लिखकर संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाए। जब यह पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को मिला तो समिति के सदस्यों के साथ सीनियर प्रोफेसर भी हैरानी में पड़ गए। जानकारी पर मामला सामने आया कि जिस छात्रा ने फॉर्म भरा एवं स्नातक में प्रवेश लिया था वह तीनों वर्ष अनुपस्थित रही।

वहीं बिना फॉर्म भरने वाली छात्रा ने तीनो वर्ष परीक्षा भी देे डाली, लेकिन यह मामला तब किसी के संज्ञान में नहीं आया। यह जानकारी परीक्षा समिति की बैठक के दौरान विश्वविद्यालय को हुई। जिसके बाद परीक्षा समिति के सदस्यों ने इस पर जांच समिति बनाए जाने की संस्तुति की। उनका कहना था कि प्रवेश लेने वाला अनुपस्थित क्यों हुआ। इसकी जांच कराई जाए। इसके अतिरिक्त किसी के अनुपस्थित होने पर दूसरा परीक्षार्थी कैसे परीक्षा देे सकता है। समिति सदस्यों के मशविरा के बाद इस मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है। इस परीक्षा समिति की बैठक कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। जहां कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव सहित सिस्टम मैनेजर डॉ. सरोज द्विवेदी, डीन अकादमिक प्रो. संजय स्वर्णकार व कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Arvind Kumar Verma
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