पुलिस चौकी फूंकने वाले उपद्रवियो की गिरफ्तारी पर ढाल बनीं महिलाएं

एडीएम को ज्ञापन देकर पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, निर्दोषों पर तत्काल प्रभाव से रोकी जाए कार्रवाई।

By: Vinod Nigam

Published: 25 Dec 2019, 08:57 AM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। नागरिकता कानून के विरोध में शनिवार को यतीमखाना के पास स्थित पुलिस चैकी को उपद्रवियों ने फूंकने के साथ आगजनी और फायरिंग की थी। यतीमखाने को दंगे की आग में झोकने वालों की तस्वीरें सामनें आने के बाद पुलिस अब शातिरों की धड़पकड़ तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई ठिकानों में दबिश दे रही है, पर महिलाएं इन्हें बचा रही हैं। मंगलवार को पुलिस के खिलाफ महिलाओं ने जमकर विरोध किया और एडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई रोके जाने की मांग की।

क्या है पूरा मामला
पिछले कई दिनों से नागरिकता संशोधन एक्ट का विरोध पूरे देश में हो रहा है। कानपुर में भी शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। शनिवार को उपद्रवियों ने पहले एकता चैकी पर कब्जा करने का प्रयास किया लेकिन जब पुलिस ने रोका तो भीड़ यतीमखाना चैकी पर पहुंच गई। यहां पुलिस चैकी में आग लगा दी जिसमें चैकी इंचार्ज की एक सरकारी और निजी बाइक जल गई और एक अन्य दरोगा की कार व बाइक जल गई। आगजनी के समय चाकी इंचार्ज मोहम्मद आरिफ अंदर ही फंस गए। उन्हें किसी तरह बचाया गया था।

पुलिस की दबिश
शहर की आबो हवा को बिगाड़ने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है। जिसका अब विरोध भी शुरू हो गया है। यतीमखाना स्थित पुलिस ने चिन्हित उपद्रवियों के घरों पर छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। इसी बीच महिलाएं पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ सड़क पर उतर आई और नारेबाजी शुरू कर दी।

एडीएम को सौंपा ज्ञापन
महिलाओं ने एडीएम को ज्ञापन देकर बताया कि पुलिस रात में उनके घरों में घुसकर बच्चो और पतियों को गिरफ्तार कर रही है, जबकि वो लोग निर्दोष हैं। उन्होंने एडीएम से कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। जिन्होंने दंगा भड़काया उन पर पुलिस कार्रवाई करे। महिलाओं ने कहा कि यदि पुलिस की कार्रवाई नहीं रूकती तो हम एसएसपी आॅफिस के बाहर धरना देंगी।

पुलिस पर लगाए आरोप
पुलिस चैकी के अलावा वाहन जलाने में तोड़-फोड़ की घटना पर महिलाओं ने पुलिस पर ही आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि पुलिस ने खुद ही गाड़ियों में आग लगाई और चैकी में तोड़-फोड की। महिलाओं का कहना है कि इलाके में लगे सीसीटीवी फुजेट ठीक से देखें जाएं तो हकीकत सामने आ जाएगी। महिलाओं ने कहा कि शनिवार की हिंसा में उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था।

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