मेयर ने शपथ की तारीख कर दी मुकर्रर, येदियुरप्पा बनेंगे कर्नाटक के चीफ मिनिस्टर

रथ पर सवार होकर मनाया था जश्न, बहुमत नहीं मिलने के बाद भी सरकार बनाने का किया ऐलान

By: Vinod Nigam

Published: 16 May 2018, 03:08 PM IST

कानपुर। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले भाजपा सहित कई राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे को हराने के लिए चक्रव्यूह रचा। 12 मई को वोटर्स ने वोट की चोट कर सियासतदानों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया। 15 मई की सुबह मतों की गिनती शुरू हुई और जैसे ही भाजपा को रूझान में बढ़त दिखी, कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और ढोल नगाड़ों की धून पर जमकर थिरके। कानपुर की मेयर प्रेमिला पांडेय ने कर्नाटक फतह का जश्न कुछ अगल तरीके से मनाने का प्लॉन तैयार किया था। बढ़त देख उन्होंने बग्घी बुलवाई और उसमें सवार होकर मोहल्लों की तरफ बड़ गई। रथ पर सवार होकर हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे के साथ वह रूक-रूक कर लोगों को मिठाई थी खिला रही थीं। तभी करीब तीन बजे उनका मोबाइल बजा और दल को बहुमत नहीं मिलने की जानकारी भाजपा नेता ने दी तो उन्होंने अपने रथ को वापस करने का आदेश दिया। वह सीधे नगर निगम पहुंची और टीवी के जरिए जानकारी ली। इसके बाद वह घर चली गई। बुधवार को मेयर प्रमिला पांडेय ने पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कहा कि वहां की जनता ने भाजपा को सबसे ज्यादा वोट देकर नंबर एक बनाया हे। इसलिए राज्यपाल को येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देना चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि गुरूवार को येदियुरप्पा कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेंगे।
शाम को उतर गए चेहरे, आज खुशी दिखी
सुबह कर्नाटक में मतगणना शुरू होते ही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता टेलीविजन से चिपक कर बैठ गए। रुझान में भाजपा को तेजी से मिलती बढ़त देखते ही भगवा दल वालों को लगने लगा कि अब उनकी सरकार बनना तय है। विजय यात्रा निकालने की तैयारी कर ली। घोड़ा गाड़ी बुक कर एडवांस में मिठाई भी मंगा ली। कानपुर की मेयर एक रथ पर सवार होकर निकल पड़ी और भाजपा की जीत पर जमकर नारेबाजी की। लेकिन एक भाजपा नेता के बताए जाने पर कि कर्नाटक में पार्टी को बहुमत नहीं मिला, पर उन्होंने रथ को नगर निगम की तरफ ले जाने का फरमान सुना दिया। वहीं नवीन मार्केट कार्यालय में नेताओं के चेहरे उतर गए। वहीं कांग्रेस के जेडीएस को समर्थन की जानकारी पर भाजपा पदाधिकारियों ने फोन लगाने शुरू कर दिए। मगर, कुछ पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि हाईकमान में बैठे हमारे रणनीतिकार सरकार बनाने में जरूर सफल होंगे। इसके अलावा हम सबसे बड़ी पार्टी के रूप में तो जीत दर्ज कर ही चुके हैं।
17 मई को लेंगे शपथ
मेयर ने बताया कि यदिरूप्पा 17 मई को कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेंगे। भाजपा के पास विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या है। राज्यपाल अपने विवक का इस्तेमाल करेंगे और येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देंगे। कांग्रेस को जनता ने हरा दिया, बावजूद वो सत्ता के लिए आज संवैधानिक मार्यादाओं को तार-तार कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा बड़ रही है और 2019 के लोकसभा चुनाव में हम 350 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। मेयर ने बताया कि कांग्रेस ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की है. उसे पिछले चुनाव की तुलना में 44 सीटों का नुकसान हुआ है। बावजूद वह सत्ता पाने के लिए विधायकों को कमरों के अंदर बंद करवा रही है। मेयर ने बताया कि हम भी वहां दो दिन के लिए चुनाव प्रचार के लिए गई थीं। जनता कांग्रेसियों से परेशान थी और वोट के जरिए उन्होंने प्रदेश को कांग्रेस से मुक्त करा दिया।
कांग्रेस के खिलाफ पड़ा वोट
मेयर प्रमिला पांडेय ने वोटों का गणित समझाते हुए कहा कि जेडीएस को मिला 18 फीसदी वोट कांग्रेस के खिलाफ पड़े हैं। साथ ही बीजेपी को मिला 37 फीसदी वोट भी कांग्रेस के खिलाफ है। दोनों वोट प्रतिशत को जोड़ दें तो पता चलता है कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस को पूरी तरीके से नकार दिया है। . उन्होंने कहा कि बीजेपी कर्नाटक की जनता की राय को बेकार नहीं जाने देगी। बीजेपी ही सरकार बनाएगी। हालांकि मेसर यह नहीं समझा पाई कि आखिर बीजेपी कैसे बहुमत के आंकड़े तक पहुंचेगी। उन्होंने बस इतना कहा कि बीजेपी संवैधानिक तरीके से सरकार बनाएगी और पार्टी के वरिष्ठ नेता बेंगलुरू पहुंच गए हैं और आज शाम तक यदिरूप्पा जी को राज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुला सकते हैं। मेयर ने कांग्रेस और जेडीएस के आरोप, विधायकों की खरीद-फरोख्त पर कहा कि भाजपा कभी गैर कानूनी कार्य नहीं करती। हां कांग्रेस ने ऐसा कईबार किया, जिससे उसे डर सता रहा है। भाजपा संवैधानिक तरीके से कर्नाटक में सरकार और बहुमत सिद्ध करेगी।

 

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