शादी अनुदान फर्जीवाड़े में योगी सरकार सख्त, 19 लेखपाल सस्पेंड, 7 अफसरों पर कारवाई

-कानपुर डीएम ने 19 लेखपालों को निलंबित करने के दिए निर्देश,
-शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना फर्जीवाड़ा में पाए गए दोषी,
-अन्य अफसरों पर भी कार्यवाही के लिए की गई संस्तुति,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 08 Jul 2021, 04:12 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. शादी अनुदान (Marriage Grant) और पारिवारिक लाभ योजना (Parivarik Labh Yojna) के फर्जीवाड़े में कानपुर में कार्यवाही का सिलसिला जारी है। डीएम ने इस प्रकरण में अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सदर तहसील के 19 लेखपालों (Lekhpal Suspend) को दोषी पाए जाने पर निलंबित किया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान और पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, दोनों विभाग के लेखाकार, दो नायब तहसीलदार और तत्कालीन तहसीलदार व वर्तमान एसीएम द्वितीय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।

साथ ही आठ कानूनगो पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सिफारिश की है। इस प्रकरण की जांच में सादर तहसील के 19 लेखपालों को अपात्र आवेदनों पर लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से रिपोर्ट लगाने का दोषी पाया गया है। निलंबन के बाद सदर एसडीएम को लेखपालों पर वो जागी कार्यवाही के आदेश दिए हैं। ठीक से पर्यवेक्षण न करने और लापरवाही पर वर्तमान पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी लालमणि मौर्य, पूर्व अजीत प्रताप सिंह, वर्तमान अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल, पूर्व प्रियंका अवस्थी, लेखाकार संजय पांडेय और नीरज मेहरोत्रा पर विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

नायब तहसीलदार विराग करवरिया और तत्कालीन अरसला नाज को अपात्रों की संस्तुति जिला स्तरीय समिति को भेजने का दोषी माना है। तत्कालीन तहसीलदार व एसीएम द्वितीय अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव नियुक्ति और अध्यक्ष बोर्ड आफ रेवन्यू को लिखा गया है। डीएम आलोक तिवारी ने बताया कि लेखपालों को निलंबित करने का आदेश दिया गया है।

Arvind Kumar Verma
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