फर्जी ब्लॉक प्रमुख को दिल दे बैठी युवती, फेरे से पहले कक्षा आठ फेल निकला प्रेमी

लखनऊ में दोनों के बीच हुई मुलाकात, 11 मई को पांच दोस्तों के साथ बारात लेकर पहुंचा युवक

By: Vinod Nigam

Published: 13 May 2018, 11:02 PM IST

कानपुर। छह माह पहले घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के सजेती निवासी एक युवती एसएससी का एग्जाम देने के लिए लखनऊ गई हुई थी। परीक्षा देने के बाद जैसे ही वह चारबाग रेलवे स्टेशन की तरफ जा रही थी, तभी उसका पर्स गिर गया। पीछे से बाइक पर आ रहे युवक ने पर्स उठाकर युवती को दे दिया। युवती ने युवक का नाम पूछा तो उसने अपना परिचय (रायबरेली) निवासी मनीष कुमार पुत्र रामदुलारे बताया और पेशे से अपने आपको ब्लॉक प्रमुख बताया। दोनों ने अपने-अपने मोबाइल नंबर आदान-प्रदान किए और फिर फोन के जरिए उनकी बातचीत होने लगी। इसी बीच दोस्ती मोहब्बत में बद गई। युवक चार पहिया वाहन से युवती के घर आता और उसे घुमाने ले जाया करता। इसी दौरान युवक ने युवती के परिजनों से विवाद का प्रस्ताव कर दिया। ब्लॉक प्रमुख होने के चलते युवती के पिता ने हामी भर दी। युवक ने फर्जी माता-पिता और भाई बहन बनाए और उन्हें ले जाकर शादी की रश्म अदायगी की। शादी के कार्ड में युवक ने बकाएदा लॉक प्रमुख लिखावा कर युवती के पिता को दिए। शनिवार को युवक अपने पांच दोस्तों के साथ दुल्हन लेने के लिए पहुंच गया। युवती के पिता ने अन्य बरातियों के बारे में पूछा तो उसने कहा जाम में फंस गए हैं आप जल्द से जल्द शादी की रश्में शुरू कराएं।
कुछ इस तरह से खुली पोल
लड़की पक्ष के लोग बारात आने पर ही आगे की रस्में शुरू करने का बात पर अड़ गए। भोर पहर तक कोई बाराती नहीं आया तो उनको शंका हुई। उन्होंने युवक को बंधक बना लिया। वहीं, मामला बिगड़ता देख मनीष के साथी रात में ही वहां से खिसक गए। रविवार की सुबह इंतजार करने के बाद भी कोई बाराती अथवा मनीष के परिजन नहीं आए तो पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस की पूछताछ के दौरान मनीष ने सारी हकीकत खोल दी। मनीष ने पुलिस को बताया कि वह कक्षा आठ फेल है और रायबरेली में बाइक मैकैनिक है। पुलिस ने जब कार्ड पर ब्लॉक प्रमुख के बारे में आरोपी से पूछा तो उसने कहा कि युवती को फंसाने के लिए मैंने पूरा खेल खेला। फर्जी ब्लॉक प्रमुख और फर्जी माता-पिता बनाए। उन्हें ले जाकर युवती के परिजनों से मिलवाया और शादी की डेट फिक्स् करवाई।
कक्षा आठवीं फेल निकला प्रेमी
युवती के परिजनों ने उसे बंधक बनाकर जमकर पिटाई कर हकीकत उगलाई। प्रेमी ने प्रेमिका के मौजूदगी में बताया कि वह एक साधारण से मैकैनिक है और कक्षा आठ फेल हो जाने के बाद परिजनों ने आगे की पढ़ाई नहीं करवाई। मैं रायबरेली में बाइकों को ठीक कर पैसा कमाता हूं। मैंने फर्जी ब्लॉक प्रमुख का कार्ड बनावाय। प्रेमी की करतूत सुन प्रेमिका आग बबूला हो गई और उस पर टूट पड़ी। युवती के पिता ने बताया कि उन्हें पहले से शक था, लेकिन बेटी के चलते वह रायबरेली नहीं गए। भला हो भगवान का जो फेरे से पहले हकीकत ख्ुल कर सामने आ गई और बेटी की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई।
नहीं आए युवक के परिजन
थानाध्यक्ष रविशंकर तिवारी ने बताया कि लड़की वालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। बताया कि युवक के परिजनों को सूचना दी गई है। यदि वह आते हैं और दोनों पक्षों में कोई समझौता होता है तो पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी। जबकि, लड़की पक्ष वालों ने बताया कि देर शाम तक मनीष के यहां से कोई नहीं आया है और न ही उनसे कोई संपर्क हो पा रहा है। युवती के पिता ने बताया कि उसने जो पता-ठिकाना कार्ड में दर्ज कराया है वह भी फर्जी है। वहीं पुलिस रायबरेली पुलिस से संपर्क कर युवक के बारे में अन्य जानकारी एकत्र कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवती के पिता की तरफ से अभी तहरीर नहीं मिली। जैसे ही तहरीर मिलेगी पुलिस मामला दर्ज कर युवक को जेल भेज देगी।

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