SC-ST एक्ट के खिलाफ अनशन पर बैठा युवक, संत देवकीनंदन को पत्र लिख कर दी ये बड़ी मांग

Vinod Nigam

Publish: Sep, 16 2018 05:12:04 PM (IST)

Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार ने संसद से बदल दिया, जिसके चलते पूरे देश के संवर्ण आगबबूला हैं और हरदिन धरना प्रदर्शन कर एससी-एसटी कानून को बदले जाने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के बर्रा क्षेत्र निवासी एक युवक पिछले 30 घंटे से आमरण अनशन पर बैठा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि अगर आपने कानून को नहीं बदला तो हम दिल्ली की सत्ता बदल देंगे। युवक के धरने पर बैठने के बाद अब स्थानीय लोगों का समर्थन मिलने लगा है और वह भी इस प्रदर्शन में शामिल होने लगे हैं। युवक ने कहा कि जल्द ही संत देवकीनंदन को बुलाएंगे और उनसे राजनीतिक पार्टी बनाए जाने को कहेंगे। सवर्ण समाज इसी दल को वोट कर अखिलेश यादव, राहुल गांधी, मायावती और अमित शाह को यूपी से बेदखल कर देगा।

जिलाध्यक्षों को सौंपा पत्र
बर्रा क्षेत्र के रहने वाले किशन भट्ट एक दवा कंपनी में एमआर के पद पर कार्यरत हैं। किशन को जब जानकारी हुयी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार ने बदल दिया और सवर्णो पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने पर अब उन्हें तत्काल गिरफ़्तारी कर लिया जाएगा। जिसके बाद किशन ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान किशन अपने समर्थकों के साथ बीजेपी नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी के पास गए और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नाम पत्र सौंपा। इसके अलावा सपा नगर अध्यक्ष मुईन खांन, बसपा नगर अध्यक्ष और कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरिप्रकाश अग्निहोत्री को पार्टी प्रमुखों के नाम का पत्र थमा कानून बदलें जाने की मांग की।

---तो धरने पर बैठ गए किशन
किशन ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों के नाम पत्र लिखने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो हमनें शास्त्री चौक पर अकेले ही आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया। हम पिछले 30 घंटे से यहां पर अनशन में बैठे हैं। पहले दिन कुछ लोग धरने में बैठने के लिए अपने-अपने घरों से निकल कर पार्क में आए। पिछले 24 घंटे के दौरान धरने में सैकड़ों लोग जुड़ गए हैं। किशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वो सबके-साथ, सबके-विकास की बात करते हैं, लेकिन चुनाव की आहट देख अन्य राजनेताओं के साथ जातिगत राजनीति में उतर आते हैं। किशन ने कहा कि जब तक सरकार एससी-एसटी एक्ट को वापस नहीं लेती है तब तक हमारा आमरण अनशन चलता रहेगा चाहे जान भी क्यों न चली जाए।

देवकीनंदन सहित अन्य लोगों को लिखा पत्र
किशन ने बताया कि हमने रविवार को कथावाचक संत देवकीनंदन सहित अन्य लोगों को पत्र लिखा है, जो इस कानून के खिलाफ पिछले कई दिनों से लड़ रहे हैं। अगर बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने कानून को नहीं बदला तो सवर्ण इन्हें वोट नहीं देंगे। किशन ने कहा कि हम संत देवकीनंदन महाराज से मांग करते हैं कि वो राजनीतिक दल बनाएं और देश को बंटने से बचाएं। अगर वो ऐसा करते हैं तो देश से जातिगत राजनीति करने वालों को बुरिया बिस्तर बंध जाएगा।

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