हिंसा में मारे गए युवकों के परिजन पहुंचे कोर्ट, पुलिस के खिलाफ दर्ज हो हत्या की रिपोर्ट

सीएए के विरोध में बाबुपरवा और यतीमखाना में 20 व 21 दिसंबर को हुई थी हिंसा, तीन युवकों की मौत के साथ दस से ज्यादा लोग हुए थे घायल, परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप।

कानपुर। नागरिकता संशोधन एक्ट ( सीएए) के विरोध में जुमे की नमाज के बाद 20 व 21 दिसंबर को कानपुर में हिंसा हुई थी। इस दौरान उपद्रवियों ने आगजनी, फायरिंग, बमबाजी और पुलिस पर पथराव किया था। इसी दौरान तीन की गोली लगने से मौत तो दस लोग घायल हुए थे। जांच के बाद पुलिस ने मृतकों को उपद्रवी बताते हुए एफआईआर दर्ज की थी। अब इनके परिजन पुलिस के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए कोर्ट पहुंचे और अर्जी दी है।

क्या था पूरा मामला
सीएए के खिलाफ बीते 20 दिसंबर को बाबूपुरवा के ईदगाह मैदान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर पथराव हुआ था। जिसमें चार मोटर बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया था और दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ हुई थी। बाबूपुरवा में हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही 15 से अधिक लोग घायल हो गए थे। बाबूपुरवा में हिंसा के बाद बीते 21 दिसंबर को यतीमखाना में भी बवाल हो गया था। यतीमखाना में प्रदर्शनकारियों ने चैकी में आग लगा दी थी। चैकी के बाहर खड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। हिंसा में एक सिपाही के कंधे में गोली लगी थी और एक दरोगा गंभीर तौर पर घायल हुआ था।

पुलिस का ये रहा तर्क
एसएसपी अनंत देव तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी थी कि हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने बताया था कि क्रॉस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी, इसलिए कुछ लोगों पर उनकी हत्या का मुकदमा भी चलेगा। हिंसा में बाबूपुरवा थानाक्षेत्र के रईस खान (30) आफताब आलम (22) और मोहम्मद सैफ (23) की मौत हुई थी। अब इन तीनों के परिजन कोर्ट पहुंचे हैं और पुलिस के खिलाफ मुकमदा दर्ज करने की अर्जी लगाई है। अभी एक परिवार ने कोर्ट में अर्जी दे दी है। दो परिवार सोमवार को अर्जी दाखिल करेंगे।

पिता ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक रईस के पिता शरीफ ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि हिंसा के वक्त बेटा मजदूरी पर गया था। घर वापस आ रहा था और पुलिस की गोली लग जाने से घायल हो गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया हमनें पुलिस के खिलाफ मुकमदा दर्ज किए जाने की गुहार कोर्ट में लगाई है और जिसकी सुनवाई 17 फरवरी को होगी। कहा, हमें इंसाफ चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जाए ।

सोमवार को दाखिल होंगी दो अर्जी
वकील मोहम्मद नासिर खान ने बताया कि आफताब की मां नजमा की अर्जी सोमवार को दाखिल करेंगे। गोली लगने से घायल हुए फैज के पिता सफीक ने भी हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराने को कोर्ट में अर्जी दी है। वकील नासिर का कहना है कि पोस्टमार्टम में रिकवर हुई बुलेट का पुलिस ने अभी तक फोरेंसिक टेस्ट नहीं करवाया। बुलेट की जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि गोली सरकारी असलहे से चली थी या नहीं। उन्होंने फोरेंसिक जांच कराने को भी कोर्ट में अपील की है।

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Vinod Nigam
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