पहले मेला हुआ बेनूर, अब बिखर गई हाट

करौली. करौली में होली से पहले भरने वाला फागुन का मेला अब पूरी तरह से बेनूर हो गया है। यूं तो वर्ष दर वर्ष इसमें गिरावट आती जा रही है। दो दशक से इस मेले ने हाट बाजार का रूप ले लिया है। लेकिन इस बार तो ये हाट बाजार भी पूरी तरह से बिखरा हुआ दिख रहा है। इसका कारण बिगड़े मौसम को माना जा रहा है।

By: Surendra

Published: 07 Mar 2020, 08:50 PM IST



करौली. करौली में होली से पहले भरने वाला फागुन का मेला अब पूरी तरह से बेनूर हो गया है। यूं तो वर्ष दर वर्ष इसमें गिरावट आती जा रही है। दो दशक से इस मेले ने हाट बाजार का रूप ले लिया है। लेकिन इस बार तो ये हाट बाजार भी पूरी तरह से बिखरा हुआ दिख रहा है। इसका कारण बिगड़े मौसम को माना जा रहा है।
यहां मेले दरवाजे बाहर मेला मैदान में रियासत काल से ही फागुन का मेला भरता आ रहा है। किसी वक्त में इस मेले की आगरा, बरेली, ग्वालियर, मुरैना, जयपुर सहित आसपास के शहरों में पहचान थी। इसका कारण था कि इसमें सोने-चांदी, बर्तन, वस्त्र सति हर प्रकार की वस्तुएं मिलती थीं। खेल-खिलौने और मनोरंजन के आइटम आते थे। सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता होती थी। मेले में बाहर से व्यापारी आते थे। स्थानीय लोगों में भी इसके प्रति उत्साह रहता था। लगभग 15 दिन यह मेला भरता था। बीते तीन-चार दशकों से नगरपरिषद की उपेक्षा के चलते मेले की रौनक घटती चली गई। अब नगरपरिषद यहां कोई व्यवस्था नहीं करती। सफाई और सार्वजनिक रोशनी तक के प्रबंध परिषद की ओर से नहीं किए जाते।
इन कारणों से कुछ वर्षो से इस मेले ने तीन-चार दिन के हाट बाजार का रूप ले लिया है जिसमें Óयादातर लौह के सामान, मिर्च-मसाले, गुड़ की लपटी आदि की बिक्री होती है। मनोरंजन के लिए दो-तीन झूले रहटक आ जाते हैं जिनसे देहाती ब"ो अपना मन बहला लेते हैं। इसी कारण से इसका हाट बाजार जैसा स्वरूप रह गया है। इस बार की स्थिति तो और भी बदतर हुई है। यहां खुले में टैंट लगाकर दुकानें लगती हैं। लेकिन बीते तीन-चार दिन से बादल, बूंदाबांदी और तेज हवा के कारण मिर्च-मसाला सहित अन्य सामान की दुकानें लग नहीं पाईं, जो लगी हैं उन पर ग्राहकों की आवक काफी कम है। बारिश के कारण कुछ हिस्से में कीचड़ की स्थिति हुई है।
दुकानदारों का कहना है कि बिगड़े मौसम के कारण किसान अपनी फसल की सार-संभाल और सुरक्षा में लगे हैं। इस कारण से हाट-बाजार में उनकी आवक कम है। देहाती लोग ही यहां अधिक आते हैं। इस मौके पर भूड़ारा बाजार में भी मिर्च-मसाले की दुकानें लगाई जाती हैं जिन पर बिक्री कम होने से दुकानदार मायूस हो रहे।

फोटो 0803 सीए , सीबी करौली के हाट बाजार में लगी मिर्च-मसाले और लौह के सामान की दुकानें।

Surendra Bureau Incharge
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