विवादों में भाजयुमो जिलाध्यक्ष की नियुक्ति, कार्यकर्ता काट रहे सोशल मीडिया पर बवाल

BJYMO District President's appointment in controversies, activists are cutting social media uproar
- कार्यकर्ताओं ने लगाया वफादार व समर्पितों की उपेक्षा का आरोप

By: Anil dattatrey

Updated: 25 Jun 2021, 12:40 AM IST


हिण्डौनसिटी. भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद पर अंकित शर्मा की नियुक्ति के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में बवाल मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर विरोध जारी है। कई वरिष्ठ भाजपाई और युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने संगठन के बड़े नेताओं पर वफादार व समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर नाराजगी जताई है। अंदरखाने कथित तौर पर सौदेबाजी के आरोप-प्रत्यारोप भी बताए जा रहे हैं।


भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने हाल में जारी जिलाध्यक्षों की सूची में करौली जिलाध्यक्ष पद पर अंकित शर्मा को नियुक्त किया। तबसे कार्यकर्ता वॉट्सएप और फेसबुक पर विरोध जता रहे हैं। कई पदाधिकारियों ने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा की घोषणा भी की है। करौली के गोपेश शर्मा, टोडाभीम से श्याम सुंदर भट्ट, हिण्डौन से सतवीर तिघरिया व महाराज सिंह छाबड़ी जिलाध्यक्ष की दौड में थे।

समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा-
कार्यकर्ताओं की मानें तो कई पदाधिकारी लंबे समय से एबीवीपी, युवा मोर्चा से लेकर पार्टी के विभिन्न मोर्चों में कामकाज कर रहे हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में पीछे नही है। फिर भी प्रदेश आलाकमान ने समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर दूसरे राजनीतिक दल से जुड़ाव रखने वाले कार्यकर्ता को तवज्जो दी है।

पुरानी तस्वीर हुई वायरल!

जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा के कांग्रेस से कनेक्शन की पुराने फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हंै। एक तस्वीर में वे सपोटरा विधायक रमेश मीणा के मंत्री बनने पर स्वागत करते दिख रहे हैं। दूसरी तस्वीर राजस्थान युवा कांग्रेस की प्रभारी महिला नेता के करौली प्रवास की बताई गई है। तीसरी तस्वीर 19 जून को वायनाड सांसद राहुल गांधी के जन्मदिन पर आयोजित मैराथन दौड़ की है। इसके मुख्य अतिति राजस्थान कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव देशराज मीणा थे।

40 साल की सक्रिय राजनीति के बाद कुंठित होकर लिया सन्यास-
भाजयुमो जिलाध्यक्ष के पद पर अंकित शर्मा को नियुक्त करने के बाद करौली जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध सोशल मीडिया पर फूट पड़ा। भाजपा में समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को देखते हुए 40 वर्ष से सक्रिय राजनीति कर रहे पूर्व जिलाध्यक्ष कप्तान कपूरचंद शर्मा ने पार्टी को छोडऩे के साथ ही सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर डाली। शर्मा का कहना रहा कि पार्टी में निष्ठा रीति और सिद्धांतों के लगातार हो रहे ह्वास से आहत हो उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।हालांकि वे भाजयुमो के मामले खुद को नहीं जोड़ते हैंं। इधर भाजपा शहर मंडल मंत्री भगवानसिंह कोली ने भी पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी।

करौली भाजपा में हावी हिण्डौन
करौली के कार्यकर्ता नियुक्तियों में हिण्डौन को तवज्जो देने से नाराज हैं। भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ. हेमलता गोयल, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष नाहर सिंह, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष बाबूलाल जाटव के बाद अब अंकित शर्मा को भाजयुमो जिलाध्यक्ष बनाना हिण्डौन का हावी होना दर्शाता है। चारों जिलाध्यक्ष हिण्डौन विधानसभा क्षेत्र से आते हैं।

इनका कहना है

भाजपा के सात मोर्चों की घोषणा के दौरा कभी विरोध नहीं हुआ। युवा मोर्चा संगठन बहुत महत्व रखता है। इसके जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का विरोध बड़ी बात है। हालांकि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व का फैसला है तो मानना तो पड़ेगा। जिलाध्यक्ष कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं यह मेरी जानकारी में नहीं है।

बृजलाल डिकोलिया, जिलाध्यक्ष, भाजपा, करौली।

Anil dattatrey Reporting
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