फूंके लाखों रुपए फिर भी हवा फेंक रहे नकारा हैण्डपम्प

Blown lakhs of rupees, the hand pump is still throwing air
नकारा हैण्डपम्पों की मरम्मत के नाम पर पर राजस्व खपा रहा जलदाय विभाग
-898 हैण्डपम्पों की मरम्मत पर हाल में खर्च किए लाखों रुपए

By: Anil dattatrey

Published: 17 Jun 2021, 12:01 AM IST

हिण्डौनसिटी. उपखंड क्षेत्र में खराब पड़े हैण्डपम्पों पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग राजस्व खपाने में लगा है। कुछ माह पहले ही 898 हैण्डपम्पों की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे, लेकिन सैंकडों नकारा हैण्डपम्प अब भी पानी की जगह हवा फेंक रहे हैं। जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के तरसना पड़ रहा है। दरअसल राज्य सरकार की ओर से 1 अप्रेल 2021 से 31 मार्च 2022 तक चलाए जा रहे 45वें मरम्मत अभियान के तहत खण्ड के शहरी व ग्रामीण इलाकों में दम तोड़ चुके हैण्डपम्पों को जीवित करने के प्रयास किए जा रहें हैं, लेकिन निरंतर गिरते भूजल स्तर के कारण अधिकांश हैण्डपम्प या तो सूख चुके है, या फिर अवंडन (नकारा) हो गए हैं। जिनसे से पानी निकालना विभाग के बस की बात नहीं है।

अब खर्च होंगे 12 लाख-
सूत्रों के अनुसार खण्ड क्षेत्र में आने वाले हिण्डौन राजस्व, हिण्डौन शहर व श्रीमहावीरजी अनुभाग में खराब पड़े हैण्डपम्पों की मरम्मत पर 12 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके लिए आठ जनवरी 2021 को अधिशासी अभियंता की ओर से तीनो अनुभागों में 4-4 लाख रुपए के टेंडर जारी किए थे।

बीत रही कार्यावधि-
जानकारी के अनुसार छह माह की अवधि में संवेदकों को सूख चुके हैण्डपम्पों में लोरिंग कर पानी निकाल चालू करना था, वहीं अवंडन (नकारा) हो चुके हैण्डपंपो से पाइप लाइन व अन्य सामान निकान विभाग को जमा कराने थे। लेकिन पांच माह से अधिक का समय बीतने के बावजूद हैण्डपंपों की मरम्मत नहीं हो पाई है।

हवा फेंक रहे हैण्डपम्प-
सूत्रों के अनुसार हिण्डौन शहरी क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे जा चुका है। जिससे शहर के हैण्डपम्प पूरी तरह से नकारा हो चुके हैं। जबकि ग्रामीण इलाकों में लगे हैण्डपम्प पानी की जगह हवा फेंक रहे हैं। कहने को तो जलदाय विभाग ने कागजों में करीब साढ़े 2369 हैण्डपम्प लगा रखे हैं, लेकिन इनमें से आधे हैण्डपम्प भी पानी नहीं दे रहे हैं। अधिकतर हैण्डपम्प ऐसे हैं जो मामूली खराबी के कारण बंद पड़े हैं।

सड़क के बीच फंसे नाकारा हैण्डपम्प-
अनदेखी का आलम यह है कि खराब हुए हुए हैण्डम्पों को वर्षों से हटाया नहीं गया है। ऐसे में सड़क किनारे लगाए हैण्डपम्प चौडाईकरण के बाद बीच रास्ते में आगए हैं। सीमेंट सड़क के बीचोंबीच लगा हैण्डपम्प सड़क निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही को बयां कर रहा है। इससे दुर्घटना का अंदेशा भी बना हुआ है। (पत्रिका संवाददाता)

फैक्ट फाईल-
-2369 हैण्डपम्प हैं हिण्डौन खण्ड क्षेत्र में।
-925 से अधिक कंडम हो चुके हैण्डपम्प।
-898 हैण्डपम्प सुधारे थे 44वें मरम्मत अभियान में।
-12 लाख रुपए खर्च होंगे खराब हैण्डपम्पों पर।

इनका कहना है-

हैण्डपम्प मरम्मत अभियान के तहत संवदकों की टीम मरम्मत में लगी है। पेयजल किल्लत दूर करने के प्रयास किए जा रहें हैं।

-भगवान सहाय मीणा, सहायक अभियंता पीएचईडी, हिण्डौनसिटी।

Anil dattatrey Reporting
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