तीन माह में बनवाएं नए चिकित्सालय मार्ग की बदहाल सड़क , स्थायी लोक अदालत के आदेश

तीन माह में बनवाएं नए चिकित्सालय मार्ग की बदहाल सड़क

बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर स्थायी लोक अदालत के आदेश

सम्बन्धित ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और कार्रवाई करने को भी कहा

 

करौली जिला मुख्यालय पर नासूर बनी शिकारगंज से नए चिकित्सालय तक की बदहाल सड़क के मामले में स्थायी लोक अदालत ने 3 माह में सड़क निर्माण कराने के साथ सम्बन्धित ठेकेदार पर जुर्माना कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। स्थायी लोक अदालत के समक्ष सड़क की समस्या को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से जनहित याचिका बीते 2 साल से लम्बित थी।

By: Surendra

Published: 11 Sep 2021, 11:29 PM IST

तीन माह में बनवाएं नए चिकित्सालय मार्ग की बदहाल सड़क

बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर स्थायी लोक अदालत के आदेश

सम्बन्धित ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और कार्रवाई करने को भी कहा

करौली। जिला मुख्यालय पर नासूर बनी शिकारगंज से नए चिकित्सालय तक की बदहाल सड़क के मामले में स्थायी लोक अदालत ने तीन माह में सड़क निर्माण कराने के साथ सम्बन्धित ठेकेदार पर जुर्माना कायम करके कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। स्थायी लोक अदालत के समक्ष सड़क की समस्या को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से जनहित याचिका बीते 2 साल से लम्बित थी। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष जिला सत्र न्यायाधीष हारुन तथा सदस्य प्रहलाद माली व अब्दुल वाहीद ने बीते दिनों इसका निस्तारण करते हुए सड़क निर्माण तीन माह में कराने के आदेश जिला कलक्टर तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को दिए हैं।
गौरतलब है कि शिकारगंज से नए चिकित्सालय, सिविल लाइन, पुलिस लाइन, जेल, परिवहन कार्यालय होते हुए मण्डरायल को जाने वाले मार्ग की सड़क जिला मुख्यालय की प्रमुख व्यस्त सड़कों में शामिल हंै। बीते तीन वर्ष से इस सड़क की बिगड़ी हालत आमजन को विशेष तौर पर मरीजों के लिए दर्द दे रही है। मार्ग के बीच सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढ़े हो रहे हैं और शिकारगंज से खादी भण्डार तक जल भराव की विशेष समस्या नासूर बनी हुई है। पूरे मार्ग में सार्वजनिक रोशनी का अभाव होने से रात में अंधेरा छाया रहता है।जनहित की इस समस्या का प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के स्तर पर समाधान नहीं होने की स्थिति को देखते हुए करौली बार एसोसिएशन ने स्थायी लोक अदालत के समक्ष जनहित याचिका पेश की थी, जिसे 11 जुलाई 2019 को अदालत वे पंजीकृत कर लिया।

नगरपरिषद को बताया उदासीन

स्थायी लोक अदालत ने शिकारगंज की सड़क पर जलभराव और सार्वजनिक रोशनी प्रबंध नहीं होने को लेकर नगरपरिषद को उदासीन बताया है। अदालत ने नदरपरिषद को तीन माह में सार्वजनिक रोशनी, जलभराव की समस्या के समाधान के लिए आदेशित किया है। इस मामले की सुनवाई के बीच में उपखण्ड अधिकारी ने राज्य सरकार को जल निकासी तथा मार्ग के बीच लाइट लगाने के प्रस्ताव को राज्य सरकार के बजट को लिखे जाने की जानकारी दी थी। बजट की राशि 8 करोड़ से अधिक बताई गई है जिसकी स्वीकृति का सरकार से इंतजार है।
ठेकेदार ने बरती लापरवाही
उल्लेखनीय है इस सड़क के निर्माण का ठेका गंगापुरसिटी के हेमराज मीणा को अप्रेल 18 में दिया गया था। इस काम को अप्रेल 19 तक पूरा करने की समयावधि बढ़ा दी गई। इसके बावजूद काम अधूरा रहा। निर्णय में लिखा है कि ठेकेदार ने विभाग से लुकाछुपी का खेल खेला। बार-बार नोटिस देने के बाद भी काम पूरा नहीं कराए जाने को स्थायी लोक अदालत ने अपने निर्णायादेश में ठेकेदार की गम्भीर लापरवाही बताया है। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग के अफसरों को भी दोषारोपित किया है जो ठेकेदार से समय पर काम कराने में नाकाम रहे। अदालत में इस समस्या की सुनवाई के दौरान प्रशासन तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से बार-बार सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सम्बन्धित ठेकेदार ने भी न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर काम पूरा कराने की सहमति दी फिर भी कार्य नहीं होने को अदालत ने गम्भीर माना है।स्थायी लोक अदालत ने जिला कलक्टर तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को तीन माह में इस सड़क का निर्माण कराने के आदेश दिए हैं। इन आदेश में सम्बन्धित ठेकेदार पर आर्थिक जुर्माना लगाने की कार्रवाई करने को कहा गया है।

Surendra Bureau Incharge
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