व्यापारी बोले राजस्थान में सरकार बढ़ाए चीनी में मिठास

Businessman said that the government increased the sweetness in sugar in Rajasthan

व्यापार में राहत के हों प्रयास,बजट में चीनी को करें मण्डी टैक्स से मुक्त आस
व्यापारियों से प्री-बजट चर्चा

हिण्डौनसिटी. राजस्थान सरकार के आगामी वर्ष 2020-21 के बजट से लोगों को राहतों और सौगातों की उम्मीद है। राज्य के बजट को लेकर व्यापारी वर्ग में भी खासी उत्सुकता है कि इस बार बजट में क्या खास होगा। रियायतों की उम्मीदों कितनी होंगी साकार। पत्रिका की टीम ने पुरानी मंडी बाजार में विविध वर्ग के व्यापारियों से सीधा संवाद कर जाना बजट से क्या है आस, जो राहत दे सके खास। गुड खांड वर्ग के व्यापारी चाहते हैं कि राज्य मेंं चीनी पर लगने वाला मंडी टैक्स खत्म हो। ताकि चीनी के दामों में महंगाई से राहत की मिठास घुल सके। बजट में राज्य स्तरीय करों में कटौती जाए जिससे व्यापार को बढ़ावा मिल सके।

कपड़ा उद्योग को मिले बढ़ावा-
सरकार बजट में प्रदेश में भीलवाड़ा की भांति करौली व पूर्वी जिलों में भी कपड़ा उद्योग स्थापित कराए। ताकि लोगों को सूरत की भांति कपड़े से रोजगार मिल सके।
संजय अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी पुरानी मंडी, हिण्डौन सिटी।

पूजा सामग्री हो कर मुक्त
पहले पूजा सामग्री करों से मुक्त होती थी। पूजन की सामग्रियों पर भी कर लगाने से वर्तमान में आस्था से जुड़ी धूप व अगरबत्ती आदि पूजा सामग्री भी महंगाई की मार से मुक्त नहीं है। सरकार से आगामी बजट में पूजा सामग्री को पूर्णत: करमुक्त करने की उम्मीद है।
बल्लभराम कम्बलवाल, पूजा सामग्री व अगरबत्ती व्यवसायी, हिण्डौनसिटी

चीनी हो मण्डी टैक्स से मुक्त
अधिकांश राज्यों में चीनी पर मण्डी टैक्स से मुक्त है। जबकि राजस्थान में कृषि उत्पाद मानते हुए चीनी पर मण्डी टैक्स वसूला जाता है। मंडी टैक्स की वजह से एक बोरी चीनी 60 रुपए महंगी पड़ती है। बजट में सरकार चीनी को मंडी टैक्स से मुक्त करने की आस है। इससे लोगों को चीनी की मंहगाई से राहत मिलेगी।
महेंद्र कुमार, गुड़-चीनी व्यापारी पुरानी मंडी, हिण्डौनसिटी



रेडीमेड वस्त्र उद्योग हो विकसित
देश में कपड़ा उद्योग लोगों को सबसे ज्यादा रोजगार मुहैया कराता है। राज्य में रेडीमेड वस्त्र का काफी काम है। सरकार को रेडीमेड वस्त्र उद्योग को विकसित करना चाहिए। कुटीर उद्योग के रूप में विकसित होने घर में रोजगार के अवसर मुहैया हो सकेंगे।
अनिल गोयल, वस्त्र व्यवसायी पुरानी मंडी हिण्डौनसिटी


गुड-चीनी पर टैक्स से मिले राहत
चीनी व घी कृषि उत्पाद नहीं है। इसके बाद भी राज्य में इन दोनों पर कृषि जिंसों के भांति मण्डी शुल्क वसूल किया जाता है। सरकार से बजट में कृषि विपणन के कर वसूली कानून में सुधार हो। ताकि चीनी, गुड व घी के दाम कम हो तो सकें।
पुरुषोत्तम लाल, गुड-खांड व्यापारी।
पुरानी मण्डी हिण्डौनसिटी


कसौटी (hallmark) से मिले मुक्ति
ग्रामीण क्षेत्र मेंं छोटे बाजारों में आभूषणों का पर hallmark की अनिवार्यता से मुक्ति मिलनी चाहिए। वहीं गहनों के लिए कच्चा माल लाते समय होने वाली पुलिस जांच से राहत मिले तो मझोलेे शहरों में सराफा व्यापार को बढावा मिल सकता है।

दिनेश कुमार सिंघल सर्राफा व्यवसायी,पुरानी मंडी बाजार, हिण्डौनसिटी.

Anil dattatrey Reporting
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