बचपन का सपना शादी के बाद किया पूरा , महिलाओं को मिलेगा मौका तो बदल देंगी तस्वीर

dinesh sharma

Publish: Oct, 13 2018 08:28:23 PM (IST)

Karauli, Rajasthan, India

करौली. महिलाओं को यदि मौका मिले तो शादी के बाद भी वो किसी भी क्षेत्र में परचम फहरा कर घर-परिवार और देश की तस्वीर बदल सकती हैं। जरूरत सिर्फ एक मौके की होती है। मैंंने खुद ने ये नजीर पेश की है। मिसेज राजस्थान प्रीति मीना ने शनिवार को करौली प्रवास के दौरान राजस्थान पत्रिका रिपोर्टर विनोद शर्मी से विशेष बातचीत में अपने खुलकर विचार व्यक्त किए।

मीना ने कहा कि अधिकतर महिलाएं शादी के बाद बदल जाती है, घर परिवार तथा बच्चों के पालन-पोषण में खुद सीमित कर लेती है। इस कारण वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाती है। लेकिन उन्होंने अपना सपना पूरा किया है।

प्रीति ने बताया कि उन्होंने बचपन में मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता टीवी पर देखी, तब से मिस इंडिया बनने का सपना संजो रखा था। शादी से पहले यह सपना पूरा नहीं हुआ।

शादी के बाद पति बीएस मीणा को मिस इंडिया बनने के सपने के बारे में खुलकर बताया। पति व ससुराल पक्ष के लोग आईएएस व आरएएस बनाने के इच्छुक थे। जबकि मुझे मिस नहीं तो मिसेज प्रतियोगिता में भाग लेने की सनक सवार थी।

अंतत: मैंने अपने पति को मिसेज राजस्थान प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सहमत कर लिया। उनके (पति) तथा प्रदेश वासियों के सहयोग से से 2018 मिसेज राजस्थान का खिताब जीतने में वो सफल रहीं। शादी सेपहले देखा सपना आखिर शादी बाद साकार हुआ।

परिस्थतियों का सामना करना ही पड़ेगा
प्रीति बोलीं कि सफलता आसानी से नहीं मिलती है। इसके लिए महिलाओं को हर परिस्थति से सामना करना ही पड़ेगा। इनसे मुकाबला करके ही लक्ष्य तक पहुंच सकती हैं। अपने बारे में मीणा ने बताया कि
घर, परिवार, सास, श्वसुर तथा दो छोटे बच्चों को संभालने के बाद खुद को संभालती हूं। इसके लिए सुबह उठना, घूमना, फास्टफूड से परहेज तथा रात्रि में भोजन नहीं करना उनके जीवन में शामिल है। इस कारण वे स्वयं को फिट रख पाती हैं।

प्रियंका चौपड़ा को देख जागा सपना
शदी से पहले मिस इंडिया रही प्रियंका चौपाड़ा को देख उनके मन में मिस इंडिया बनने का सपना जगा था। सोचा था कि प्रियंका चौपड़ा बन सकती है तो वो क्यों नहीं। शादी से पहले सपना पूरा नहीं हुआ। शादी के बाद मिसेज राजस्थान बन सपना पूरा किया।

प्रीति ने जानकारी दी कि वो मॉडलिंग व कक्षा 12वीं से पीजी (भूगोल) तक पढ़ाई में टॉपर रही। उनका कहना है कि बेटी अभिशाप नहीं वरदान है। बेटी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। सेना में महिलाओं का दबदबा बढ़ रहा है।

जिले के गढ़ी पनवेड़ा गांव की बहू
प्रीति मीना हिण्डौन सिटी तहसील के गढ़ी पनवेड़ा गांव की बहू है। दो जुड़वा बच्चों की मां है। उनके पति बीएस मीना दिल्ली नगर निगम में निरीक्षक पद पर सेवारत है। करौली में वो भी साथ आए थे। राजस्थान 2018 में विजेता बनने के बाद प्रीति अब 26 अक्टूबर को पुणे में होने वाली मिसेज इंडिया प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों की प्रतिभागी भाग लेंगी।

थारों मैंने कियों कांई कसूर...
साक्षात्कार के दौरान प्रीति ने एक गीत की पंक्ति गाईं कि छोटी सी उमर में परणाई बाबूसा, थारों मैंने कियों कांई कसूर। इस गीत के जरिए से प्रीति मीना ने बाल विवाह के खिलाफ संदेश दिया।

दृढ़ इच्छा शक्ति के आगे हुआ मजबूर
प्रीति के पति बीएस मीना ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि पत्नी आईएएस व आरएएस बने, लेकिन पत्नी पर मिसेज राजस्थान बनने की धुन सवार थी। अंतत: वह पत्नी की दृढ़ इच्छा शक्ति के आगे मजबूर हुए। पत्नी तैयारी के लिए जाती है।

तब उनको परिवार, बच्चों के साथ सरकारी नौकरी संभालनी पड़ती है। मुश्किल तो है, लेकिन मैनज करना पड़ता है। एक सवाल के जवाब में बताया कि मिसेज राजस्थान के पति के तौर पर काफी खुशी मिलती है, लेकिन अब तो समूचे राजस्थान ही हमारे साथ जुड़ गया है।

 

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