हिण्डौनसिटी. दो दिन के वीकेंड कफ्र्यू के बाद सोमवार से शुरु हुए जन अनुशासन पखवाड़े के पहले ही दिन आमजन कोरोना को लेकर लापरवाह नजर आया। देर रात तक असमंजस की स्थिति के बीच सुबह आम दिनों की तरह बाजार खुले। जिससे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोविड़-19 को लेकर जारी सरकारी एडवाईजरी की खूब धज्जियां उड़ी। न केवल लोग, बल्कि दुकानदार भी बेपरवाह दिखे। किराना से लेकर जिन आवश्यक सामान की दुकानों को छूट दी गई थी, उसके अलावा अन्य दुकानें भी बखौफ खुली। जहां आम दिनों की तरह व्यापार भी हुआ। बाजारों में तैनात पुलिसकर्मी व होमगार्ड दुकानदारों से गप्पें लड़ाते दिखे।
प्रशासनिक अधिकारियों को भनक लगी, तो दोपहर बाद बाजार में सख्ती की गई। जिसके बाद अलग-अलग बाजारों में नौ दुकानों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही 18 दुकानदारों के चालान काट कर पांच हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।

भीड़भाड के बीच सडक़ से बाजार तक भागमभाग-
सुबह एक-दूसरे से पूछताछ के बाद लोगों का असमंजस दूर हुआ तो, वे बाजार में पहुंचने लगे। सुबह करीब आठ बजे से दोपहर दो बजे तक शहर के बाजार भारी भीड़ के चलते जाम हो गए। सडक़ से लेकर बाजार तक भीड़भाड के बीच भागमभाग की स्थिति बन गई। शहर के डैम्परोड़, सर्राफा बाजार, पुरानी मंडी बाजार, कटरा बाजार, विवेकानंद बाजार, दिलसुख टाल वाली गली, शीतला चौराहा बाजार, जगदंबा मार्केट के अलावा स्टेशन रोड़, बयाना रोड़, चौपड़ सर्किल के आसपास लोगों की भारी भीड़ देखी गई। इन बाजारों में दिनभर जाम के हालात बने रहे।

फेल हुई सोशल डिस्टेंसिग-
शारीरिक दूरी के नियम की पालना तो दूर, लोग बिना मास्क के खरीदारी करते नजर आए। दुकानदारों ने भी अपनी छोटी-छोटी दुकानों के अंदर 10 से 15 ग्राहकों को बिठाकर रखा। कुल मिलाकर अनुशासन पखवाडा के पहले दिन शहर के हालात सबसे ज्यादा खराब दिखे। बयाना रोड़ पर मनीराम पार्क के पास, सब्जी मंडी क्षेत्र के बाजारों तक ई रिक्शा व ऑटो वालों ने सडकें घेर लीं। बाजारों में निजी वाहनों और दुपहिया वाहनों की भी खासी भीड दिखीं।

अनुकूल नहीं ऐसे हालात-
वीकेंड कफ्र्यू के बाद की सुबह शहर के हालात सरकार के अनुकूल नहीं मिले। निजी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहन अलसुबह से ही शुरु हो गए। नियमों का पालन कराने के लिए अधिकतर प्वाइंटस पर पुलिस की तैनाती नहीं दिखी। हालांकि सुबह के समय अधिकतर दुकानें बंद रहीं। लेकिन कुछ देर बीतने के बाद किराना के सामान के अलावा हलवाई, कपडा़, बर्तन, सब्जी-फल, टी स्टॉल समेत अन्य कई दुकानें खुलने से उनके बाहर भीड़ बढ़ गई। इसके बाद सर्किल और बाजारों में पुलिस का बंदोबस्त किया गया।

बाहर से शटर डाउन, अंंदर से चली दुकान-
सरकार द्वारा पाबंदी होने बाजार में किराना के अलावा अन्य दुकानें बाहर से शटर डाउन कर संचालित हुई। बाहर दिखाने लिए दुकानदारों ने शटरों बंद रखी। दोपहर में पुरानी मंडी और सराफा बाजार में पुलिस और प्रशासन के दस्ते ने दुकानों की शटर खुलवा कर उनमें बैठे दुकानदारों को बाहर निकलवाया। स्थिति यह थी कि दुकानों के बाहर तख्तों पर बैठे लोग शटर के पीछे से खरीद फरोख्त करते देखे गए।

टेलरों की सात, कपड़ा और बेकरी की एक-एक दुकान सील-
बाजारों में भीड़ के बीच कोविड़ नियमों की पालना के लिए दोपहर में प्रशासन से सख्ती दिखाई। एसडीएम सुरेश कुमार यादव, तहसीलदार मनीराम खींचड़, डीएसपी किशोरी लाल पुलिस अमले के साथ बाजारों में गश्त पर निकले तो दंग रह गए। इस दौरान पुरानी मंडी बाजार में टेलरों की सात दुकानों के अलावा सर्राफा बाजार में कपड़े की दुकान व स्टेशन रोड़ पर नई मंडी में बेकरी की दुकान को सील कर दिया गया। इसके साथ ही प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइंस की पालना नहीं करने पर 18 दुकानदारों के चालान काट कर मौके पर ही पांच हजार रुपए की जुर्माना राशि वसूल की गई।

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