कोरोना का कहर: लॉक डाउन में परिवहन विभाग को ऐसा लगा झटका और राजस्व वसूली का यह हुआ हाल

करौली. कोहोरा वायरस के कहर के संक्रमण को थामने के लिए लगे लॉक डाउन से परिवहन विभाग की राजस्व वसूली भी अधर में अटक गई है।

By: Dinesh sharma

Published: 05 Apr 2020, 04:02 PM IST

करौली. कोहोरा वायरस के कहर के संक्रमण को थामने के लिए लगे लॉक डाउन से परिवहन विभाग की राजस्व वसूली भी अधर में अटक गई है। वित्तीय वर्ष का अन्तिम माह होने से विभागीय अधिकारियों ने मार्च माह के शुरूआती दौर में लक्ष्य को छूने की खातिर खूब भाग-दौड़ की, लेकिन इसी बीच कोरोना वायरस के आए संकट से राजस्व वसूली की रफ्तार थम गई।

लॉक डाउन के बाद वाहनों के थमे पहियों के कारण अधिकारियों के प्रयासों पर भी पानी फिर गया। इसके चलते विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा मार्च माह में आवंटित लक्ष्य करीब 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मार्च माह में परिवहन विभाग मुख्यालय की ओर से करौली जिले को 718 लाख रुपए की राजस्व वसूली का लक्ष्य आवंटित किया गया था, जिसके मुकाबले करीब 393 लाख रुपए का ही राजस्व अर्जित हो सका है।

हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर कोरोना वायरस का संकट नहीं आता तो लक्ष्य को छू लेते। गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष में अप्रेल से फरवरी तक के करौली को आवंटित लक्ष्य प्रति माह करीब ढाई करोड़ से साढ़े चार करोड़ तक के रहे हैं, लेकिन मार्च माह के लिए यह लक्ष्य लगभग फरवरी के मुकाबले दो गुना तक दिया गया था।

लक्ष्य की प्राप्ति की खातिर फरवरी माह से ही जयपुर मुख्यालय से उच्चाधिकारियों ने जिला स्तर की नियमित रूप से समीक्षा भी शुरू कर दी थी। प्रतिदिन राजस्व अर्जन की रिपोर्ट भी मांगी जा रही थी। वहीं अधिकाधिक कर वसूली की खातिर स्थानीय स्तर पर मार्च के शुरूआत में ही अधिकारियों ने अवकाश भी निरस्त कर दिए थे।

पांच माह में सौ फीसदी से अधिक राजस्व
जिला परिवहन कार्यालय करौली के इस वित्तीय वर्ष के लक्ष्य प्राप्ति के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष के पांच माह तो ऐसे निकले हैं, जिनमें विभाग ने 100 फीसदी से अधिक यानि लक्ष्य से भी ज्यादा राजस्व वसूली कर ली थी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इसी आधार पर उच्चाधिकारियों ने विभाग के लक्ष्य बढ़ा दिए। जबकि पांच माह ऐसे रहे हैं, जिसमें विभाग ने 85 से 97 प्रतिशत राजस्व वसूली की थी। सूत्र बताते हैं कि मार्च माह में ट्रक आदि से एकमुश्त टेक्स राशि जमा होती है, जिससे लक्ष्य बढ़ाया गया।

यहां से होती है राजस्व अर्जित
परिवहन विभाग को सर्वाधिक राजस्व नए वाहनों के पंजीयन से होता है। इसके अलावा रोड टैक्स, लाइसेंस, पुरानी बकाया, चालान आदि के जरिए विभाग राजस्व की वसूली कर टारगेट को पूरा करता है।

वाहन बंद होने से हुई मुश्किल
उच्च स्तर से मिले राजस्व वसूली के लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, मार्च माह के लिए पूरी प्लानिंग भी कर ली थी, जिसे पूरा कर लेने की भी उम्मीद थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन से वाहनों का आवागमन थम गया। ऐसे में वाहन मालिकों से राजस्व का अर्जन कर पाना मुश्किल हुआ।
धर्मपाल सिंह आशीवाल, जिला परिवहन अधिकारी, करौली

Dinesh sharma Reporting
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