जेल में मौत: परिजनों ने लगाया प्रताडना से मौत का आरोप


जेल में मौत: परिजनों ने लगाया प्रताडना से मौत का आरोप

जांच की मांग को लेकर शव लेने से किया इंकार

करौली। यहां जेल में रविवार को न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे एक आरोपी युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मृतक हिण्डौन में मोहननगर निवासी 21 वर्षीय मुकेश अवस्थी उर्फ मोनू है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उसको 24 सितम्बर को हिण्डौन पुलिस ने पुलिस से मारपीट व बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह दो दिन से न्यायिक हिरासत में होने के कारण करौली जेल में बंद था।

By: Surendra

Published: 26 Sep 2021, 11:03 PM IST


जेल में मौत: परिजनों ने लगाया प्रताडना से मौत का आरोप

जांच की मांग को लेकर शव लेने से किया इंकार

करौली। यहां जेल में रविवार को न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे एक आरोपी युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मृतक हिण्डौन में मोहननगर निवासी 21 वर्षीय मुकेश अवस्थी उर्फ मोनू है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उसको 24 सितम्बर को हिण्डौन पुलिस ने पुलिस से मारपीट व बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह दो दिन से न्यायिक हिरासत में होने के कारण करौली जेल में बंद था।

मृतक के पिता सहित अन्य सदस्यों ने जेल में प्रताडना देने से मुकेश की मौत होने का आरोप लगाया है। उनका यह भी आरोप है कि साजिश के तहत में मोनू की हत्या की गई है। मृतक के पिता भूदेव ने बताया कि मुकेश ने उसको फोन किया था कि उसको मार डाला गया है। उसे बचाना हो तो बचा लो। इस फोन के बाद वे करौली भागे आए तो यहां चिकित्सालय में उसकी मौत की सूचना मिली।
पिता ने बताया कि वह कल करौली जेल में मुकेश से मुलाकात करने गए थे और जमानत प्रक्रिया के लिए वकालत नामा पर हस्ताक्षर कराए थे। तब तक वह सही स्थिति में था।

मुकेश की मौत की जांच की मांग को लेकर मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने और शव को लेने से मना कर दिया। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी शाम तक परिजनों को समझाइश के प्रयास करते रहे।

इधर की पुलिस के सूत्रों ने बताया किमुकेश की अचानक तबीयत बिगड़ी थी। जेल चिकित्सक द्वारा उसका उपचार किया गया, जिससे वह एक बार तो सही हुआ लेकिन बाद में फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस पर जेल पर नियुक्त चिकित्सक ने उसे करौली शहर के चिकित्सालय के लिए रैफर किया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मामले में जेल के प्रभारी से सम्र्पक नहीं हो सका। चूंकि मौत न्यायिक हिरासत के दौरान हुई है। इसलिए मामले की न्यायिक जांच भी शुरू कर दी गई है।

Surendra Bureau Incharge
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