वर्षों से साफ नहीं हुई नालियां, बारिश में बह गया सफाई बजट

Drains not cleaned for years, cleaning budget was washed away in rain

-जलनिकासी के नहीं उचित इंतजाम, सड़कों पर हो रहा जलभराव

By: Anil dattatrey

Published: 04 Oct 2021, 11:36 PM IST

हिण्डौनसिटी. शहर की सरकार हर साल बरसात से पहले शहर की नालियां और नालों की सफाई कराने का दावा करती है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष 50 से 60 लाख रुपए का खर्चा किया जाता है। लेकिन ज्यादातर कार्य धरातल पर होने के बजाए कागजों में ही पूरा किया जाता है। यही वजह है कि बाजारों से लेकर आवासीय कॉलोनियां और प्रमुख मार्गों की नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं, जिससे सड़कों पर जलभराव की समस्या बनी हुई है।
नालों और नालियों की सफाई की हकीकत जानने के लिए पत्रिका की टीम सोमवार को शहर के कई क्षेत्रों में पहुंची तो इंतजामों की पोल खुल गई। कई नालियां ऐसी दिखी, जिनकी वर्षों से सफाई ही नहीं हुई। ऐसे में पूरी तरह से चोक(बंद) हो गई हैं।


नगर परिषद क्षेत्र में खारी नाले के अलावा स्टेशन रोड, बयाना रोड, अस्पताल रोड, झारेड़ा रोड, बरगमां रोड, मंडावरा रोड पर बड़े नालों के साथ ही विभिन्न बाजार और कॉलोनियों में 120 से अधिक छोटी नालियां हैं। बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या के साथ ही मच्छर पैदा न हों। इसके लिए नालों की सफाई के लिए प्रत्येक वर्ष 50 से 60 लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। सूत्रों की मानें तो नगर परिषद प्रत्येक वर्ष नालों की सफाई करती है।

खारी नाला-
खारी नाले की सफाई मशीनों के द्वारा तथा शेष नालों की सफाई मजदूर लगाकर की जाती है। हालांकि हकीकत इससे ठीक उलट है। पत्रिका टीम सबसे डैम्परोड़ बाजार स्थित खारी नाले की पुलिया पर पहुंची। यहां पुलिया के उपर कचरा पड़ा हुआ था। जिसमें आवारा जानवर मूंह मार रहे थे। बदबू के मारे दुकानदारों का बुरा हाल हो रहा था। केशवपुरा एवं कंजोलियान का पुरा के पास स्थित नाले के दोनो मुहाने पॉलिथीन और कचरे से भरे नजर आए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगरपरिषद के सफाई कार्मिकों द्वारा सही ढंग से नाले की सफाई कब की गई, उन्हें याद नहीं। कभी-कभार जेसीबी और कार्मिक आते हैं, और फौरी तौर पर सफाई कर चले जाते है। नाले से निकाले गए कचरे का निस्तारण नहीं किया जाता। आरोप लगाया कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। दिन भर कचरा सड़कों पर फैला रहता है।

स्टेशन रोड स्टेट हाईवे-
स्टेशन रोड़ शहर का प्रमुख मार्ग होने के साथ ही स्टेट हाईवे में भी है, लेकिन यहां के हालात शहर नहीं बल्कि देहात से भी बदतर हैं। जबकि इसी मार्ग पर पर विधायक भरोसी लाल व नगर परिषद सभापति बृजेश कुमार जाटव का निवास स्थित है। उनके घर के समीप जलभराव की समस्या जगजाहिर है। मगर ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने की कवायद कभी नहीं हुई।

बयाना रोड स्टेट हाईवे-
बयाना रोड़ पर नालियां नेस्तनाबूद हो गई हैं। कहीं पर नांलियों पर लोगों ने कब्जा कर चबूतरे बना लिए हैं, तो कहीं पर सफाई नहीं होने से मिट्टी और कचरा भरा पड़ा है। यही कारण है कि आनंद विहार कॉलोनी के पास स्टेट हाईवे की सड़क पर जलभराव हमेशा बना रहता है। नियमित सफाई नही होने की वजह से हल्की सी बारिश में तालाब सा नजारा बन जाता है।

मण्डावरा रोड़-
मण्डावरा रोड़ पर हालात कुछ ज्यादा ही खराब है। नालियां कचरे से अटी हुई है, गंदा पानी निकलकर बीच सड़क पर भरा हुआ है। जिससे निकलने में लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासी तेजसिंह कोली ने बताया कि कई बार शिकायतें की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सड़क किनारे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त नाली में पॉलिथीन और कचरा भरे होने की वजह से जलभराव रहता है। झारेडा रोड़ व बरगमां रोड़ के हालात भी किसी से छुपे हुए नहीं है। नालियां का तो जैसे नामो निशान मिट गया है। गंदा पानी और कचरा जमा है, जिसकी वजह से दुर्गंध रहती है।

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