कोरोना गाइड लाइन पर भारी रही आस्था -मासलपुर से आगे सागर सरोवर में हजारों श्रद्धालु ने लगाई डुबकी

कोरोना गाइड लाइन पर भारी रही आस्था
मासलपुर से आगे सागर सरोवर में हजारों श्रद्धालु ने लगाई डुबकी
रोक लगाने पर भी जुटी भीड़, मेला भी हुआ आयोजित

करौली जिले में मासलपुर कस्बे से आगे सागर सरोवर में गंगादशहरे पर हजारों लोगों ने धार्मिक आस्था के चलते डुबकी लगाई। इस दौरान कोरोना गाइड लाइन की पालना पर आस्था भारी नजर आई।
मासलपुर क्षेत्र के तिमनगढ़ किले के पास धार्मिक स्थल सागर सरोवर पर गंगादशमी पर्व पर मेले भरने की परम्परा है। बीते वर्ष तो कोरोना के कारण ये मेला नहीं भरा था।

By: Surendra

Published: 20 Jun 2021, 07:52 PM IST

कोरोना गाइड लाइन पर भारी रही आस्था
मासलपुर से आगे सागर सरोवर में हजारों श्रद्धालु ने लगाई डुबकी
रोक लगाने पर भी जुटी भीड़, मेला भी हुआ आयोजित

मासलपुर। गंगादशहरे पर करौली जिले में मासलपुर कस्बे से आगे सागर सरोवर में हजारों लोगों ने धार्मिक आस्था के चलते डुबकी लगाई। इस दौरान कोरोना गाइड लाइन की पालना पर आस्था भारी नजर आई।
मासलपुर क्षेत्र के तिमनगढ़ किले के पास धार्मिक स्थल सागर सरोवर पर गंगादशमी पर्व पर मेले भरने की परम्परा है। बीते वर्ष तो कोरोना के कारण ये मेला नहीं भरा था। प्रशासन ने तो इस वर्ष भी मेले के आयोजन को स्थगित ही किया। इसके बावजूद हजारों की संख्या में लोग सागर सरोवर में डुबकी लगाने के लिए पहुंच गए। लोगों की भीड़ को देख प्रशासन ने भी चुप्पी साध ली।
ऐसे में कोरोना गाइड लाइन पर धार्मिक आस्था की यह भीड़ हावी रही। दूर-दूर से आए अनेक लोगों ने सरोवर में डूबकी लगाई। तड़के पांच बजे से ही श्रद्धालु सरोवर पर पहुंचना शुरू हो गए। धौलपुर, करौली एवं भरतपुर जिले के गांवों से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस मौके पर सरोवर के किनारे मेले का आयोजन हुआ। मेले में पहुंचने के लिए मासलपुर से बस, टैम्पो एवं जीप, संचालित हुई। वहीं अनेक श्रद्धालु निजी वाहनों से मेले में पहुंचे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर पुलिस बल मौजूद रहा।

सरोवर का धार्मिक महत्व
पुरासम्पदा की धरोहर ऐतिहासिक तिमनगढ़ किले के समीप तीन ओर से पहाडिय़ों से घिरा सागर सरोवर का धार्मिक महत्व भी है। सागर सरोवर को प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गंगासागर बराबर मान्यता है। गंगादशमी के पर्व पर सागर सरोवर में डुबकी लगाने को विशेष धार्मिक मान्यता मिली हुई है। सागर के दूसरे किनारे पर संत गोमतीदास जी द्वारा निर्मित मंदिर भी है।

पाबंदी के बावजूद पहुंचे अनेक लोग
कोरोना वायरस संक्रमण चलते प्रशासन की ओर से मेले पर पाबंदीलगाने के बावजूद अनेक लोग पहुंच गए। मेले में लोगों के मुंह पर मास्क नजर नहीं आए। सामाजिक दूर का भी किसी ने पालन नहीं किया। गौरतलब है कि महामारी की दूसरी लहर थमने के बाद एक्सपर्ट की ओर से तीसरी लहर के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन फिर भी लोग बेपरवाह नजर आए।

Surendra Bureau Incharge
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