किल्लत ऐसी कि थाने में बांटने पड़े खाद के कट्टे

किल्लत ऐसी कि थाने में बांटने पड़े खाद के कट्टे

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत, लगी लंबी कतारें

हिण्डौन सिटी . उपखंड समेत जिले में डीएपी खाद की किल्लत के चलते किसानों को मनमाने दामों पर खाद की खरीद करनी पड़ रही है। कई दिनों के इंतजार के बाद गुरुवार को डीएपी खाद की खेप हिण्डौन पहुंची, तो खाद लेने को किसानों का हुजूम उमड पड़ा। जरूरत की अपेक्षा काफी कम मात्रा में डीएपी खाद के कट्टों की उपलब्ध के कारण कोतवाली थाने पर खाद के कट्टों को लाकर पुलिस की निगरानी में वितरित करना पड़ा।

By: Surendra

Published: 14 Oct 2021, 08:11 PM IST

किल्लत ऐसी कि थाने में बांटने पड़े खाद के कट्टे

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत, लगी लंबी कतारें

हिण्डौन सिटी . उपखंड समेत जिले में डीएपी खाद की किल्लत के चलते किसानों को मनमाने दामों पर खाद की खरीद करनी पड़ रही है। कई दिनों के इंतजार के बाद गुरुवार को डीएपी खाद की खेप हिण्डौन पहुंची, तो खाद लेने को किसानों का हुजूम उमड पड़ा। जरूरत की अपेक्षा काफी कम मात्रा में डीएपी खाद के कट्टों की उपलब्ध के कारण कोतवाली थाने पर खाद के कट्टों को लाकर पुलिस की निगरानी में वितरित करना पड़ा।
सुबह करीब 11 बजे जैसे ही किसानों को पता चला कि कोतवाली थाने में डीएपी की बिक्री की जा रही है, तो सैकड़ों किसानों की भीड जमा हो गई। इससे कई बार सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हुई। दिनभर लाइन में लगने के बाद भी अनेक किसान खाद नहीं मिलने से मायूस होकर लौटे।
गौरतलब है कि इन दिनों सरसों की फसल की बुवाई के लिए किसानों को डीएपी खाद की जरूरत पड रही है। कृषि अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में छह हजार मैट्रिक टन जरूरत के मुकाबले एक चौथाई आपूर्ति भी खाद की नहीं हो पाई है। ऐसे में किसानों को भारी किल्लत से जूझना पड रहा है। खाद के लिए हो रही मारा-मारी के चलते गत दिवस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाशचंद ने पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर निगरानी में खाद की बिक्री शांतिपूर्वक करवाने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद गुरुवार को शहर में डीएपी खाद के कटटों की आवक शहर की एक फर्म पर हुई तो उनका। वितरण कोतवाली थाने परिसर में पुलिस की निगरानी में कराना तय किया गया। खाद के कट्टों से भरे ट्रक कोतवाली थाने पहुंचे जहां सहायक कृषि निदेशक मोहन लाल सहित कृषि अधिकारी ज्ञाप सिंह, सियाराम, जमालुद्दीन, विजय सिंह आदि की उपस्थिति में खाद की बिक्री की गई। इस दौरान थाने के सामने दिन भर किसानों की भारी भीड लगी रही। खाद लेने के लिए पंहुचे किसान घंटों तक लाइन में कर अपनी बारी का इन्तजार करते रहे।थाने के सामने सडक पर किसानों की भीड़ से आवागमन भी बाधित हुआ। दिन में कई बार सडक के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गई।
जानकारी के अनुसार शाम तक लगभग 1800 कटटों का वितरण कर दिया गया। इधर घंटों तक लाईन में लगे किसान लाईन लम्बी देखकर देर रात तक अपना नम्बर नहीं आने की स्थिति भांपकर बिना खाद के बैरंग ही लौट गए। किसानों के अनुसार यह सरसों की फसल की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण समय चल रहा है। जमीन में नमी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। ऐसे में अगर कुछ दिन और खाद की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो किसान सरसों की फसल की बुवाई से भी वंचित रह जाएंगे।


दस दिन में खत्म हो जायेगी खाद की किल्लत

हिंडौन सिटी . फसल बुवाई के दौर के बीच डीएपी खाद की किल्लत से जूझते किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इस बीच गुरुवार को कृषि अधिकारियों ने किसानों को 10 दिन में खाद की पर्याप्त उपलब्धता होने का विश्वास दिलाया है।
फिलहाल किसानों को सरसों की फसल की बुआई के लिए खाद की जरूरत पड रही है। ऐसे में जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान है। इस समस्या को लेकर कृषि उपनिदेशक रामलाल जाट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि सीएफसीएल से दस हजार डीएपी खाद के कट्टों की रैक आ चुकी है। इस रैक का वितरण होते ही हिण्डालको कम्पनी की रैक लग जाएगी। इसमें लगभग 14 हजार कट्टे और आएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन में ही ईफ्को का एनपीके मोजेक एनएफएल व आईपीएल का डीएपी खाद भी और मिल जाएगा।
जिले में अक्टूबर माह में तीन हजार मैट्रिक टन की मांग का आंकलन किया गया था। अब तक 1 हजार मैट्रिक टन खाद प्राप्त हुआ है। 700 मैट्रिक टन इस सप्ताह और उपलब्ध होने की संभावना है। सरकार द्वारा डीएपी पर अनुदान बढाए जाने के बाद आपूर्ति में और सुधार होने की उम्मीद की जा रही है। इससे आगामी दस दिन में डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति जिले में होने की संभावना है। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि किसान सरसों की फसल की बुवाई के लिए एसएसपी व यूरिया का मिश्रण करके सरसों की बुवाई कर सकते है। इससे डीएपी खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और किसानों को पैदावार में भी फायदा होगा।

Surendra Bureau Incharge
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