करौली में पुलिस के खिलाफ इसलिए भड़के फल-सब्जी विक्रेता, कर डाला यह निर्णय

करौली. फल विक्रेता से मारपीट के विरोध में फल-सब्जी विक्रेताओं ने रोष जताते हुए सोमवार से फल-सब्जी के ठेले नहीं लगाकर हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है।

By: Dinesh sharma

Published: 10 May 2020, 08:20 PM IST

करौली. फल विक्रेता से मारपीट के विरोध में फल-सब्जी विक्रेताओं ने रोष जताते हुए सोमवार से फल-सब्जी के ठेले नहीं लगाकर हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है।

उनका आरोप है कि लॉक डाउन के बीच प्रशासन की ओर से जारी अनुमति के अनुसार उनके द्वारा ठेलों पर फल-सब्जी बेची जा रही है, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें मारपीट कर परेशान कर रहे हैं। एक फल विक्रेता से शनिवार को मारपीट और उसके तरबूजों को तोडऩे का पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए रविवार को फल-सब्जी ठेला विक्रेता रोडवेज बस स्टैण्ड परिसर में एकत्रित हुए और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ रोष जताया।

उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाते हुए पुलिस-प्रशासन से फल-सब्जी विकेताओ के साथ आए दिन होने वाली घटनाओ पर रोक लगाने की मांग की।
फल विकेताओं बताया कि शनिवार सुबह धोबीदह निवासी रामस्वरूप माली तरबूज का ठेला लेकर रोडवेज बस स्टैंड की तरफ जा रहा था। इसी दौरान सादावर्दी में तीन-चार पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट कर दी।

रामस्वरूप ने आरोप लगाया है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके ठेले में रखे तरबूजों को भी तोड़ दिया। रामस्वरूप सहित सोनू राठौर, शेरसिंह, गजानन्द, सोनू गुप्ता, कैलाश राठौर, मुकेश गुप्ता, शाकिर, खुशीराम, अनीश खान, रईश, गजानंद सैनी, परमानन्द, करण सैनी आदि फल-सब्जी विकेताओं ने बताया है कि वह ठेले पर फल-सब्जी बेचकर रोजी-रोटी कमाते हैं। लेकिन पुलिसकर्मी आए दिन उनसे मारपीट करतें है और ठेला लगाने से रोकतें हैं। जिससे उन्हें चोट के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पडता है।

फल-सब्जी विक्रेताओं ने मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने तक वे हड़ताल जारी रखेंगे।

Dinesh sharma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned