आधी बसें आगार में लॉकडाउन, रोडवेज को हो रही 30 फीसदी आय

Half buses lockdown in depot , 30% of roadways revenue सभी मार्गों पर संचालित नहीं हो रहीं बसें

By: Anil dattatrey

Published: 07 Sep 2020, 12:18 AM IST


हिण्डौनसिटी. करौली जिले की हिण्डौन रोडवेज डिपो में अभी भी 50 फीसदी से अधिक बसें आगार परिसर में लॉक डाउन हंै। सभी 75 शिड्यूलोंं की तुलना में अभी 35 पर बसों का संचालन हो पा रहा है। वर्तमान में आगार की 84 बसों में से 33 बसें ही सडक़ पर दौड़ रहीं हैं। इससे रोडवेज आगार को सामान्य दिनों की तुलना में करीब एक चौथाई दैनिक राजस्व अर्जित हो रहा है। करौली जिले में संयुक्त रूप से संचालित हिण्डौन व करौली रोडवेज आगार को अब मात्र 2-3 लाख रुपए आय हो रही है।


कोरोना की दस्तक पर 22 मार्च को लगे जनता कफ्र्यू के बाद से रोडवेज क ी बिगड़ी चाल रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। 77 दिन के लॉक डाउन के बाद एक जून से चरणबद्ध तरीके से 31 अगस्त तक अनलॉक-3 पूरा होने के बाद भी हिण्डौन रोडवेज आगार से मात्र 28 शिड्यूलों पर ही हर बसों का संचालन शुरू हो पाया। वहीं एक सितम्बर से लागू हुए आनलॉक-4 के तीन दिन बाद मात्र सात और मार्गों पर रोडवेेज बस सेवा शुरू हो सकी।

रोडवेज सूत्रों के अनुसार हिण्डौन डिपो से प्रति दिन जिले व प्रदेश सहित दूसरों राज्यों के शहरों के 75 मार्गों पर बसों का संचालन होता है। सभी शिड्यूलों पर बसों के परिचालन से रोडवेज डिपो को यात्री भाड़े से प्रतिदिन औसतन सात से साढ़े सात लाख रुपए की आय होती है। गौरतलब है कि हिण्डौन आगार से सामान्य दिनों में प्रतिदिन 75 शिड्यूलों पर बसें 28 हजार किलोमीटर का सफर तय कर 15 से 17 हजार यात्रियों को गंतव्य पहुंचाती हैं। रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि अनुसार सभी जगह से पाबंदियों के अलनॉक होने पर यात्री भार मिलने रोडवेज की आय बढ़ सकेगी। आगार की सभी बसों के सडक़ पर रफ्तार पकडऩे में अभी और समय लगेगा।

मंदिरों के खुलने से आय की आस-
लॉकडाउन में कैलादेवी व श्रीमहावीरजी के लक्खी मेले की राजस्व से वंचित रहे हिण्डौन आगार को अब मंदिरों के खुलने से आय की उम्मीद है। रोडवेज डिपो सूत्रों के अनुसार कैलादेवी ,मदनमोहनजी व घाटा मेहंदीपुरबालाजी के मंदिर खुलने से यात्री भार बढऩे बसों के संचालन में इजाफा होगा। रोडवेज मुख्यालय ने भी आगार प्रबंधन से धार्मिक रूटों का बस शिड्यूल मांगा है।

लोकल मार्गों पर नहीं चल रही रोडवेज-
अनलॉक के चार माह बाद भी लोकल मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। हिण्डौन डिपो से करौली, गंगापुरसिटी, बयाना, कैलादेवी, टोडाभीम मार्ग पर लोकल बस सेवा शुरू नहीं की गई है। जिले के शहरी व कस्बाई लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रोडवेज बसों के अभाव में लोगों ने प्राइवेट बसों में कोरोना संक्रमण की आशंका के बीच भीड़ भरा सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज सूत्रों के अनुसार पहले हिण्डौन-कैलादेवी मार्ग पर बस सेवा के बीस फेरे लगते थे।

अधिकांश बसें जयपुर मार्ग पर-
हिण्डौन आगार से मौजूदा समय में चल रही 32 बस सेवाओं में से अधिकांश जयपुर मार्ग पर संचालित हैं। रोडवेज सूत्रों के अनुसार जयपुर के लिए 24 व अलवर को 6, भरतपुर को 2 व धौलपुर को 2 शिड्यूल संचालित हैं। जबकि अन्य मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से लोगों से निजी बसों व डग्गेमार वाहनों का संचालन हो रहा है।

चालक-परिचालकों को नहीं मिल रहा काम-
आगार से पचास फीसदी बसों का संचालन होने से आधे चालक-परिचालकों को अपेक्षित काम नहीं मिल रहा है। महिनों से आगार कार्यालय में बैठ ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। इन कार्मिकों को बस स्टैण्ड और चैक पोस्ट पर तैनात कर यात्री भार बढ़ाने को जिम्मा सौपा दिया गया है। हिण्डौन में करौली आगार में संयुक्त रूप से 109 चालक व 109 परिचालक कार्यरकत हैं। इनमें पचास फीसदी ही रूटों पर जा पा रहे हैं।


फैक्ट फाइल
84 बसें हैं हिण्डौन रोडवेज आगार में।
35 मार्गों पर हो रहा बसों का संचालन।
44 बसें आई आगार से बाहर।
109 चालक हैं कार्यरत।
109 परिचालक हैं आगार में

इनका कहना है-
लोकल मार्गों पर भी जल्द दौड़ेंगी रोडवेज-
यात्री भार मिलने वाले मार्गों पर रोडवेज की बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। जयपुर के लिए अच्छा यात्रीभार मिल रहा है। लोकल मार्गों पर भी बसों का जल्द संचालन शुरू किया जाएगा। 7 सितम्बर से मंदिरों के खुलने पर बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। इससे आय में भी इजाफा होगा।
-विष्णु कुमार वर्मा, मुख्य प्रबंधक हिण्डौन डिपो, राजस्थान परिवहन निगम।

Anil dattatrey Reporting
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