हनुमानजी को लगती गर्मी तो भक्तों ने लगवाया एसी

Hanuman ji felt the heat, so the devotees installed AC

ग्रीष्म ऋ तु में तरावट में रहती है हनुमानजी की प्रतिमा

एक सदी पुराना है भायलापुरा का खारी वाले हनुमानजी का मंदिर

By: Anil dattatrey

Published: 11 Oct 2021, 11:43 AM IST

Karauli, Karauli, Rajasthan, India


हिण्डौनसिटी.
आम तौर पर मंदिरों में देव प्रतिमाएं सामान्य तौर पर विराजित रहती हैं। लेकिन भायलापुरा के खारी वाले हनुमान मंदिर मेंं वीर हनुमानजी की प्रतिमा लिए एसी लगाया हुआ है। हनुमानजी को गर्मी न सताए, इसके लिए भक्तों ने मंदिर के गर्भग्रह को वातानुकूलित करवा दिया है। गर्मियों में हनुमानजी की प्रतिमा एसी की तरावट में रहती है। शहर के बीचोंबीच बाजार में स्थित यह मंदिर जन अस्था का केन्द्र बना है।


मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े भायलापुरा निवासी अमर कुमार कुम्मी पांडेय ने बताया कि मंदिर में विराजित वीर हनुमानजी की प्रतिमा एक सदी से भी अधिक पुरानी है। प्रारंभ में हनुमानजी की प्रतिमा पाटोरपोश में प्रतिष्ठित थी। वर्ष 1998 में मंदिर का नवनिर्माण कराया गया। मंदिर में सुबह-शाम विद्युत चालित झालर-घंटों व ढोल नंगाड़ों के वादन के साथ आरती की जाती है। बाजार में होने की वजह से आस-पास के दुकानदार हनुमानजी की चौखट धोक कर कामकाज की शुरूआत करते हैं। मंगलवार व शनिवार को मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है। वर्तमान में मंदिर में पूजा सेवा का कार्य राजू पंडित कर रहे हैं।

गर्मी से चौला पड़ जाता था काला


भक्तों ने बताया कि गर्मी की वजह से हनुमानजी प्रतिमा को चौला काला पड़ पड़ जाता है। ऐसे में गर्भग्रह में गर्मी के असर और तापमान को कम करने के लिए भक्तों ने प्रतिमा के समक्ष स्प्रिल्ट एसी (एयरकंडीशनर) लगवा दिया। एसी लगने के बाद प्रतिमा के सिंदूर चौला की चमक यथावत रहती है। मंदिर व्यवस्था समिति के कुम्मी पाण्डेय ने बताया कि आम तौर पर मार्च के अक्टूबर माह तक हनुमानजी के प्रतिमा के लिए एसी चलाया जाता है।

अन्नकूट व छप्पनभोग सहित होते बड़े कार्यक्रम
मंदिर में त्योहार-पर्वों पर खास आयोजन के साथ कई बड़े कार्यक्रम होते हैं। गहरी आस्था के चलते धार्मिक स्थलों के लिए पदयात्राएं मंदिर की चौखट धोक कर रवाना होती हैं। मंदिर समिति सदस्यों ने बताया कि मंदिर में बड़े अन्नकूट महोत्सव के साथ छप्पनभोग झांकी सजाई जाती है। इसके अलावा अन्य धार्मिक पूजा अनुष्ठान भी होती हैँ।

प्रतिमा के चौला के लिए ख्यात
भायलापुरा का मंदिर हनुमानजी के मोहक चौला-शृंगार के लिए ख्यात है। नित नए चौला में बजरंगी के स्वरूप के दर्शनों के लिए शाम को दर्शनार्थियों की आवक रहती है। पुजारी ने बताया कि हनुमानजी का सप्ताह में तीन से चार बार नया चौला शृंगार किया जाता है। मनौती पूरी होने पर एक माह से अधिक के प्रतीक्षा में सूची में रहते हैं।

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