गर्मी कर रही बेहाल, तापमान 42 के पार

गर्मी कर रही बेहाल, तापमान 42 के पार
शुरूआत में तेज गर्मी लगी सताने
करौली। इन दिनों तेज गर्मी ने जनजीवन को बेहाल करना शुरू कर डाला है। अमूमन गर्मी के तीखे तेवर मई-जून माह में दिखते हैं लेकिन इस बार शुरूआती दौर में ही गर्मी का प्रकोप लोगों को सताने लगा है।
आमतौर पर मार्च के अंत और अप्रेल माह से गर्मी का आगाज शुरू होता है। धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होने लगती है। लेकिन इस वर्ष मार्च माह से ही शुरू हुई गर्मी के तेवर परवान पर पहुंच रहे हैं।

By: Surendra

Published: 06 Apr 2021, 08:06 PM IST

गर्मी कर रही बेहाल, तापमान 42 के पार
शुरूआत में तेज गर्मी लगी सताने
करौली। इन दिनों तेज गर्मी ने जनजीवन को बेहाल करना शुरू कर डाला है। अमूमन गर्मी के तीखे तेवर मई-जून माह में दिखते हैं लेकिन इस बार शुरूआती दौर में ही गर्मी का प्रकोप लोगों को सताने लगा है।
आमतौर पर मार्च के अंत और अप्रेल माह से गर्मी का आगाज शुरू होता है। धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होने लगती है। लेकिन इस वर्ष मार्च माह से ही शुरू हुई गर्मी के तेवर परवान पर पहुंच रहे हैं। सोमवार को करौली का तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया जबकि मंगलवार को तापमान 41 डिग्री पर टिका रहा। हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि बुधवार से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी और तापमान 35 से 40 के बीच घटता बढ़ता रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार करौली में अप्रेल माह का औसत तापमान 38 डिग्री पर रहता है जो इस बार महीने के शुरू में ही 42 डिग्री को पार कर चुका है। वैसे वर्ष 2017 में करौली का तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था जो रिकॉर्ड है।
करौली का न्यूनतम तापमान इन दिनों 26 डिग्री पर है जो रात में गर्मी की स्थिति को प्रदर्शित करता है। करौली में अप्रेल माह में न्यूनतम तापमान का औसत मौसम विभाग 21 मानता है। इस लिहाज से न्यूनतम तापमान भी अधिक चल रहा है।

बढ़ रहे हैं मरीज
मौसम में लगातार हो रहे उतार चढ़ाव से बुखार, जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि एक साथ गर्मी का बढऩा और फिर तापमान का कम हो जाना लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करके बीमार बना देता है। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों में ठंडा पानी, ठंडा पेय पदार्थ, ठंडी वस्तुओं या फ्रीज से निकली वस्तुओं का सेवन नुकसान दायक हो सकता है। एसी और कूलर भी बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन गर्मी के कारण लोग इनका उपयोग भी करने लगे हैं। इन दिनों मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में स्थिति यह है कि चिकित्सालय का आउटडोर 600-700 से बढ़कर एक हजार पर पहुंच रहा है। इसमें ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारियों के है।
इधर गर्मी के तेवरों के तेज होने के बाद बाजार में गन्ने का रस, ठंडे पेय पदार्थों सहित आइसक्रीम की बिक्री बढ़ चुकी है।

Surendra Bureau Incharge
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