अरे ये क्या यहां सावन में उड़ी फागुन की सी गुलाल

अरे ये क्या यहां सावन में उड़ी फागुन की सी गुलाल

Anil dattatrey | Publish: Aug, 14 2019 11:23:37 PM (IST) Karauli, Karauli, Rajasthan, India

Hey, is this how fowl of Gulal in the saavan as phaagun.Braj's Holi played in Bhagwat Katha

भागवत कथा में खेली ब्रज की होली, गुलाल लगा नाची महिलाएं


हिण्डौनसिटी. सूरौठ में अग्रसेन वाटिका मे चल रही भागवत कथा मे को खूब गुलाल उठी और महिलाओं ने सावन की मल्हारों के दौरान में फागुन की मस्ती में फागों पर नृत्य किया। चौक गए न आप। यहां न मौमस बदला न लोगों का मिजाज। बस कथा में राधा कृष्ण की ब्रज की होली का प्रंसग चला तो कथा पाण्डाल में सावन में फागुल की मस्ती फूट पड़ी। कृष्ण की भक्ति में विभोर हो महिलाओं ने होली गीत भी गए।


आचार्य देवकीनंदन शास्त्री ने कथा में भगवान कृष्ण सुदामा की मित्रता के प्रसंग पर प्रवचन किए। भागवताचार्य ने कहा कि मित्रता निस्वार्थ होनी चाहिए। निष्कपट मित्रता के सूत्र में बंधने पर ही व्यक्ति एक दूसरे के सुख-दुख को समझ सकता है। कथा में कृष्ण और रुक्मिणी विवाह की सजीव झांकी सजाई गई। महिलाओं ने विवाह पर नृत्य किया। साथ ही गुलाल उड़ा कर ब्रज की होली का आस्था से आनंद लिया। आयोजन समिति सदस्यों ने बताया कि शुक्रवार सुबह सात बजे हवन होगा व प्रसादी वितरण की जाएगी।

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