हिण्डौनसिटी.
शहर में सरस डेयरी का प्लांट होने के बाद भी यहां के लोगों को दूध नहीं मिल रहा है। दुग्ध वितरक नहीं होने से शहर में डेढ़ माह से सरस दूध की बिक्री ठप है। दूध का विपणन नहीं होने से बाजार में निजी डेयरी कम्पनियां हावी हो गई हैं। वितरक के बिना सरस डेयरी प्रबंंधन को प्रति दिन को ढाई से तीन हजार लीटर दूध की स्थानीय खपत का नुकसान हो रहा है। वहीं सावों की सीजन में दूध सप्लायरों का रुझान खुले बाजार की ओर होने से डेयरी में दूध की आवक में कमी आने से नुकसान की दोहरी चपत लग रही है।

सरस डेयरी सूत्रों के अनुसार करीब करीब 5 वर्ष पहले डेयरी प्लांट में दूध की विभिन्न श्रेणियों में पैकिंग व विपणन शुरू हुआ था। सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, सवाईमाधोपुर के नियमों के तहत वितरक नियुक्त कर शहर में दूध की आपूर्ति शुरू की गई थी। वितरक के जरिए के गली-मोहल्लों व बाजार की दुकानों पर लोगों को स्थानीय सरस डेयरी प्लांट से ताजा दूध मिलने लगा। वितरक द्वारा फरवरी माह तक ही दूध का विपणन का अनुबंध खत्म लिया। एक मार्च से वितरक के बिना शहर में सरस डेयरी के स्थानीय प्लांट का दूध नहीं रहा है। गौरतलब है कि करीब पांच वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद सरस डेयरी प्लांट से इसी वर्ष 15 जनवरी से कार्यक्ष्ेात्र के सवाईमाधोपुर जिले के लिए दूध की आपूर्ति शुरू हुई थी। इसके डेढ़ माह बाद ही डेयरी के हाथ से हिण्डौन का मार्केट फिसल गया। ऐसे में करौली और सवाईमाधोपुर जिले कस्बों में आपूर्ति दे रही डेयरी से स्थानीय लोगों का दूध नहीं मिल रहा है।

5 वर्ष में बदले कई वितरक-
सरस डेयरी प्रबंधक को शहर में दूध के वितरण के लिए अब तक स्थायी वितरक नहीं मिल पाया है। पांच वर्ष की अवधि में डेयरी प्रबंधन द्वारा कई वितरक तय किए। लेकिन वे कुछ माह बाद ही साथ छोड़ गए। और निजी डेयरी कम्पनियों का दामन थाम मिलया।

डेयरी में घटी दूध की आपूर्ति-
सावों की दस्तक और गर्मियों में दुग्ध उत्पादन प्रभावित होने से डेयरी में दूध का पूर्ति घट गई। डेयरी सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन करीब 2 हजार लीटर दूध की आवक कम हुई है। डेयरी प्लांट से आधा दर्जन बीएमसी के अलावा 45 महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां सम्बद्ध हैं। वर्तमान में 14-15 समितियोंं से औसतन 4 से साढ़े 4 हजार लीटर दूध की आवक हो रही है। वहीं गंगापुरसिटी व सवाईमाधोपुर से दिन के अंतराल पर 8 हजार लीटर दूध की आपूर्ति हो रही है। जबकि फरवरी माह तक डेयरी में 12 से 15 हजार लीटर दूध आ रहा था।

सेपरेटर खराब, घी का निर्माण घटा-
सरस डेयरी में एक पखबाड़े से दूध से क्रीम निकालने की सेपरेटर मशीन खराब हैं। इससे डेयरी में डबल टोंड दूध व घी निर्माण प्रभावित हो गया है। हालांकि एक बंद बीएमसी से छोटी सेपरेटर मशीन मंगवाई है, लेकिन घी का निर्माण पहले से आधा रह गया है। डेयरी सूत्रों के अनुसार छोटा सेपरेटर एक घंटे में 500 लीटर दूध से क्रीम निकाल पा रही है। जबकि बडी मशीन इतने समय में 5 हजार लीटर दूध से क्रीम निकालती थी। साथ ही टोंड व डबल टोंड दूध भी तैयार हो जाता था। ऐेसे में पाउडर से कम फैट का दूध पाउडर से तैयार किया रहा है।

इनका कहना है-
हिण्डौन में नया वितरक लगाने का कार्य प्रक्रियाधीन है,जल्द वितरक तय कर स्थानीय बाजार में प्लांट से दूध आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीण दुग्ध उत्पादक समितियों को डेयरी में दूध आपूर्ति के लिए प्रेरित करेंगे।
-राजकुमार शर्मा, प्लांट प्रभारी
सरस डेयरी, हिण्डौनसिटी

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