सवालों पर बगले झांके अधिकारी, जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में हंगामा

By: vinod sharma

Published: 25 Apr 2018, 07:44 PM IST

Karauli, Rajasthan, India
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करौली.जिला परिषद की साधारण सभा की मंगलवार को यहां जिला प्रमुख अभय कुमार मीना की अध्यक्षता में आयोजित साधारण सभा की बैठक में सदस्यों के सवालों पर अधिकारी बगले झांकते नजर आए। इस दौरान जिला परिषद के सीईओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच के लिए पत्र राज्य सरकार को भेजने का प्रस्ताव लिया गया। बैठक में सपोटरा विधायक रमेश मीना ने जिला परिषद के सीईओ से पूछा कि अनियमितता बरतने के आरोप में मण्डरायल पंचायत समिति से एक अभियंता को हटाया गया, लेकिन बाद में उसी अभियंता को मण्डरायल कैसे लगा दिया, जिस पर सीईओ (जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी) सुरेन्द्र माहेश्वरी जवाब नहीं दे पाए। विधायक ने कहा कि मनमाने तरीकों से पंचायत में कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, किसी पंचायत में एक-एक करोड़ रुपए के काम चल रहे है तो अन्य में कार्य ही स्वीकृत नहीं किए हैं। उन्होंने जाखौदा पंचायत में गलत तरीके से रुपय निकालने के मामले तथा लापरवाह सपोटरा के विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का मामला भी उठाया। इसी दौरान जिला परिषद सदस्य श्रंगार सिंह मीना, मण्डरायल की पंचायत समिति प्रधान मौसम बाई मीना ने मनरेगा प्लान की कॉपी सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराने का मुद्दा उठाया। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने बताया कि नादौती-टोडाभीम पंचायत समिति की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने प्रश्न किया कि टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र के गांवों में स्वीकृति क्यों नहीं निकाली जा रही है, जिसका भी सीईओ जवाब नहीं दे पाए। सदस्यों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। सपोटरा विधायक ने सीईओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर राज्य सरकार को जिला परिषद के माध्यम से पत्र भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इससे पहले करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर मनरेगा प्लान में गड़बड़ी तथा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप लगाके बैठक का बहिष्कार कर गए। बैठक में मनरेगा व पंचायत विकास प्लान का अनुमोदन भी किया गया।
तो दस दिन बाद करेंगे घेराव
गर्मी के मौसम में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सदस्यों ने जनस्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग के अभियंताओं पर लापरवाही के आरोप लगाए। टोडाभीम प्रधान मुकेश मीना ने उन गांवों की सूची मांगी जहां, टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है, अभियंता सूची नहीं दे पाए। मण्डरायल प्रधान ने टैंकरों से पानी की आपूर्ति में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए, बताया कि डांग क्षेत्र के गांवों में चार-चार टैंकर स्वीकृत है, लेकिन एक-एक टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। जीरोता की सदस्य ने बताया कि हैण्डपम्प स्थापित नहीं होने से पानी का संकट है। करौली विधायक ने विभाग के अभियंताओं पर उदासीनता के आरोप लगाया, बताया कि विधायक कोष से स्वीकृत हैण्डपम्पों को तीन साल बाद भी स्थापित नहीं किया है, जो अभियंताओं की अकर्मण्यता का नमूना है। टोडाभीम विधायक ने नादौती-टोडाभीम में जल संकट होने की बात कही। विभाग के अधीक्षण अभियंता अधिकतर सवालों पर बगले झांकते नजर आए। सदस्यों ने लापरवाह अभियंताओं के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा, लेकिन सपोटरा विधायक व करौली विधायक ने कहा कि दस दिन में पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती
बैठक में सदस्यों ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की सडक़ निजी कंपनियों ने लाइन डालने के लिए जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दी है। उन्होंने विभाग के अभियंताओं को कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा। सपोटरा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि थानों में रिकॉर्ड पेश करने के बाद भी पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं करती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव ने प्राथििमकी दर्ज कराने का विश्वास दिलाया। टोडाभीम विधायक ने बताया कि सरकार के एक समारोह में जिला परिषद ने नांगल शेरपुर के सरपंच को पुरस्कार के लिए बुला लिया, लेकिन बाद में कांग्रेस विचारधारा का सरपंच होने का पता चलने पर उसे पुरस्कृत नहीं किया गया। इसके जवाब में सीईओ ने बताया कि सरपंच के खिलाफ विचारधीन है। इसकारण पुरस्कृत नहीं किया गया।

वीडिओ करौली में आयोजित जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में मौजूद जिला प्रमुख विधायक व सदस्य

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