यहां भूमि के बेचान, निर्माण और गिरवी रखने पर लगी रोक, कार्रवाई के बाद भू-माफियाओं में मचा हड़कंप

यहां भूमि के बेचान, निर्माण और गिरवी रखने पर लगी रोक, कार्रवाई के बाद भू-माफियाओं में मचा हड़कंप

Vijay ram | Publish: Mar, 14 2018 08:47:01 PM (IST) Karauli, Rajasthan, India

बेशकीमती विवादित भूमि पर निर्माण, बेचान और गिरवी रखने पर रोक लगा दी गई है..


करौली/हिण्डौनसिटी.
यहां मंडावरा रेल फाटक के पास की बेशकीमती विवादित भूमि पर निर्माण, बेचान और गिरवी रखने पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई तहसीलदार के परिवाद पर उपजिला मजिस्ट्रेट की ओर से की गई है। इस कार्रवाई के बाद से भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

 

मंडावरा रेल फाटक के पास आराजी खसरा नंबर १६८१ रकबा १० बीघा १३ विस्वा को लेकर तहसीलदार घनश्याम जोशी ने राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा १७७ के तहत उपजिला मजिस्ट्रेट के समक्ष एक परिवाद दायर किया था। जिसमें उक्त भूमि को विवादित बताते हुए इस पर निर्माण, बेचान एवं गिरवी रखने के प्रयासों को राजहित में नहीं बताया गया। इस पर निर्णय करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट शेरसिंह लुहाडिया ने तत्काल प्रभाव से भूमि पर होने वाले किसी भी प्रकार के निर्माण, बेचान एवं गिरवी रखने पर रोक लगा दी है। उपजिला मजिस्ट्रेट की कार्रवाई के बाद से इस भूमि पर निर्माण और भूखंड़ बनाकर बेचने की जुगत में लगे भूमाफियाओं में हडकंप मचा हुआ है। एसडीओ लुहाडिया ने बताया कि भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होने देने के लिए तहसीलदार को निगरानी रखे जाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। इसी भूमि को लेकर एक पक्षकार की ओर से पेश किए गए परिवाद पर राजस्व न्यायालय, अजमेर ने भी यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए हैं।

 

थानाप्रभारी के इस्तगासे पर एसडीओ ने दिए नोटिस
उक्त विवादित बेशकीमती भूमि का मामला कोतवाली में भी विचाराधीन है। पूर्व में कोतवाली के थानाप्रभारी अध्यात्म गौतम ने एसडीओ के समक्ष एक इस्तगासा धारा १०७, १४५ के तहत प्रस्तुत किया था। जिसमें उल्लेख किया कि उक्त भूमि का दो तिहाई हिस्सा राजस्व रिकॉर्ड में हिण्डौन के दुब्बे पाड़ा निवासी मृतक रामजीलाल पुत्र बालमुकुंद कायस्थ के नाम दर्ज है। रामजीलाल कायस्थ निसंतान था, जो हिण्डौन छोड़कर अजमेर रहने लगा था। वह उक्त जमीन को आधे बांटे पर खेती करने के लिए हिण्डौन निवासी चिरंजीलाल जाटव पुत्र मोहरपाल जाटव को दे गया। तभी से जमीन पर बने सती मंदिर की पूजा अर्चना व खेती का कार्य चिरंजीलाल कर रहा था। जमीन के मूल खातेदार रामजीलाल की वर्ष १९८१ में मृत्यु हो गई, उधर जमीन पर खेती करने वाले चिरंजीलाल की भी मृत्यु होने पर उसका पुत्र बालकृष्ण जाटव जमीन पर खेती करता आ रहा है। शहर के मध्य होने के कारण जमीन बेशकीमती हो गई।

 

यही कारण रहा कि उक्त जमीन की वसीयत भीलवाड़ा निवासी महेश नारायण माथुर द्वारा वर्ष १९७० में तथा खरैटा निवासी बाबू पुत्र हंडू जाट द्वारा वर्ष १९८० में अपने नाम अलग-अलग करना बताया जा रहा है, जो विवादित है। महेश नारायण कायस्थ ने वसीयत के आधार पर उक्त भूमि का प्रोपर्टी डीलरों को बेचान कर दिया है। थानाप्रभारी ने इस्तगासे में उल्लेख किया कि उक्त भूमि के विवादित हो जाने से पक्षकारों के बीच झगड़ा और गंभीर वारदात की पूर्ण संभावना बनीं हुई है। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगडऩे की भी पूर्ण संभावना है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उक्त भूमि पर रिसीवरी नियुक्त किया जाए।

एसडीओ शेरसिंह लुहाडिया ने बताया कि थानाप्रभारी की ओर से प्रस्तुत इस्तगासे पर कार्रवाई करते हुए इस्तगासे में उल्लेखित किए गए करीब १० पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन पर सुनवाई के बाद ही रिसीवरी के संबंध में निर्णय किया जाएगा। दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल ने भी उक्त विवादित भूमि को राजगामी संपत्ति(लावारिस) घोषित किए जाने के लिए कलक्टर को एक पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि भूमाफिया और प्रोपर्टी डीलरों ने वसीयत आदि रिकॉर्ड में फर्जकारी कर उक्त भूमि पर अपना हक जमा लिया है।


इसी प्रकरण में गत दिनों तहसीलदार ने दिल्ली नगर निगम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा वसीयत रजिस्टर्ड कराने वाले महेश नारायण माथुर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस जांच कर रही है।

 

रोक के बाद भी निर्माण, दो गिरफ्तार
उपजिला मजिस्ट्रेट की ओर से रोक लगाने के बाद भी विवादित भूमि पर निर्माण कर रहे दो युवकों को पुलिस ने मंगलवार को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। थानाप्रभारी अध्यात्म गौतम ने बताया कि गिरफ्तार युवक शिवकॉलोनी हिण्डौन निवासी राहुल शर्मा एवं ब्रह्मपुरी कॉलोनी हिण्डौन निवासी राजेश वशिष्ठ है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों युवक पुलिस से ही उलझ गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned