हिण्डौनसिटी. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शुक्रवार को ईदगाह में ईद के पर लगातार दूसरे वर्ष भी सूनापन रहा। सरकार की कोरोना गाइड लाइन की पालना करते हुुए लोगों ने घरों में रह कर परिजनों के साथ नमाज अदा कर महामारी से दुनिया की हिफाजत और देश में अमनो चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगोंं ने फोन और सोशल मीडिया के जरिए ईद की मुबारकबाद दी।


रमजान के महीने के तीस दिन पूरा पर गुरुवार शाम ईद की घोषणा होने पर रोजेदारों में खुशी का माहौल छा गया। घरों में ईद मनाने के तैयारियां शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह मुस्लिम बस्तियों में ईद का उत्साह घर की चौखट तक ही सीमित रहा। बच्चे और लोग खास नमाज के निर्धारित समय सुबह 8.30 बजे से पहले ही इत्र से महकते नए कपड़े और टोपियों पहन तैयार हो गए। लोगों ने घरों के आंगन व छतों पर बैठ परिवार के सदस्यों ने नमाज अदा की। कई घरों में इमाम के सानिध्य में नमाज अदा की। मस्जिदों में मौलवियों ने एकाध नमाजियों की मौजूदगी ईद नमाज अदा की। नमाज के बाद घरों में ईद की मुबारकाबाद का दौर चला। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों ने मास्क पहन संक्रमण से बचाव की एहतियात की पालना की।

सेवई और खीर से मनाया त्योहार-
तीस दिन के रोजों के बाद शुक्रवार को लोगों ने सेवई, चावल और मेवों की खीर के स्वाद के साथ ईद का त्योहार मनाया गया। मुस्लिम बस्तियों के घरों सुबह से ही परम्परागत के पकवान सेवई, चावल व खीर बनना शुरू हो गया। ईद के दिन आमतौर पर रिश्तेदारों व मित्रों की आवाजाही रहती है, लेकिन कोराना की वजह से लोगों का परस्पर घर आने-जाना काफी सीमित रहा।

खरीदारी हुई न खुले में मुबारकी-
कोरोना गाइड लाइन के चलते गुरुवार को बाजार बंद रहने से ईद के ऐलान के बाद लोग खरीदारी नहीं कर सके। जबकि आमतौर पर ईद की घोषणा होने के साथ बाजारों में कपड़े और खाद्य सामग्री खरीदने के लिए भीड़ उमड़ती है। वहीं बाजारों में पुलिस का पहरा और बेरीकेडिंग होने से लोग घरों में ही रहे। सुबह कुछ लोग बाजारों ने आए जिन्हें पुलिस ने घरों को भेज दिया।

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