उच्च शिक्षा में सुधार और रोजगार की दरकार

करौली.राज्य सरकार के (Improvement in higher education and the need for employment) आम बजट से करौली की राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं व स्टॉफ को उच्च शिक्षा में सुधार व बेरोजगारों के लिए रोजगार की दरकार है।

करौली.राज्य सरकार के (Improvement in higher education and the need for employment) आम बजट से करौली की राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं व स्टॉफ को उच्च शिक्षा में सुधार व बेरोजगारों के लिए रोजगार की दरकार है। छात्राओं व महाविद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि उच्च शिक्षा रोजगारोन्मुखी होनी चाहिए। इसके अलावा हिन्दी पीजी व विज्ञान संकाय में गणित विषय की भी जरूरत है।

हिन्दी में हो पीजी
राजकीय कन्या महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाएं खुलनी चाहिए, क्योंकि पीजी की कक्षा राजकीय महाविद्यालय में भी नहीं है। इस कारण छात्राओं को हिन्दी विषय में पढ़ाई के लिए जयपुर जाना पड़ता है।
छात्रा रितु बोहरा

रोजगार परक शिक्षा हो
राज्य को बजट से युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। बजट में रोजगार परक शिक्षा की घोषणा भी होनी चाहिए, जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। अभी रोजगार के अभाव में विद्यार्थी भटकने को मजबूर है।
छात्रा शिवानी गुप्ता

पर्याप्त बजट मिले

राज्य के बजट में उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट की घोषणा होनी चाहिए। बजट मिलने के बाद संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। जिससे करौली के कन्या महाविद्यालय का भी विकास हो सकेगा। नए कोर्स के साथ पुस्तकालय भी ध्यान दिया जाना चाहिए। ये सब से बजट से संभव है। स्नातक स्तर की विज्ञान संकाय में गणित विषय की जरुरत है।
मुनेश मीना सहायक आचार्य

पिछड़े जिले को राहत मिले
करौली जिला पिछड़े जिलों में शामिल है, पिछड़े जिले को आगे बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा पर ध्यान देना होगा। इसके लिए यूजी स्तर के नए कोर्स, रोजगारपरख शिक्षा आदि की घोषणाओं की उम्मीद राज्य सरकार के बजट से है।
डॉ. हरिकेश मीना सह आचार्य

ब्यूटीपार्लर के कोर्स खुले
छात्राओं के विकास के लिए उन्हें खुला माहौल व रोजगार परक शिक्षा की जरुरत है। इस कारण विशेष तौर पर कन्या महाविद्यालय के लिए ब्यूटीपार्लर जैसी कक्षाएं महाविद्यालय में संचालित होनी चाहिए। छात्राओं को इनमें रूचि भी रहती है।
डॉ. रीतेश जैन सहायक आचार्य

प्रयोगशाला पर ध्यान दे
महाविद्यालय में बजट व स्टॉफ के अभाव में प्रयोगशालाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। इस कारण छात्र-छात्राएं विज्ञान संकाय से संबधित पाठ्यक्रमों का व्यवहारिक ज्ञान ठीक प्रकार से नहीं ले पाते हैं। प्रयोगशालाओं की स्थिति सुधारने के लिए स्टॉफ की भर्ती के साथ संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।
सुमेर सिंह मीना सहायक आचार्य

vinod sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned