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करौली के इस अस्पताल में दवा दुकानों के आगे रोगी-परिजन हो जाते हैं पसीना-पसीना

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करौली के इस अस्पताल में दवा दुकानों के आगे रोगी-परिजन हो जाते हैं पसीना-पसीना

करौली. यहां राजकीय सामान्य चिकित्सालय में रोगियों को मर्ज से ज्यादा असुविधाओं का दर्द झेलना पड़ रहा है। तेज धूप के बीच रोगियों को कतार में खड़े होकर दवा लेने की मजबूरी बनी हुई है, लेकिन चिकित्सालय प्रशासन की ओर से छाया के प्रबंधों की अनदेखी की जा रही है।

चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाने के बाद जब रोगी या उनके परिजन चिकित्सालय परिसर स्थित नि:शुल्क दवा योजना की दुकानों पर दवा लेने जाते हैं तो वहां उन्हें धूप में ही खड़ा होना पड़ता है। इसका कारण यह है कि दवा दुकानों के आगे जो टीनेशड लगी है, वहीं नाकाफी है। इसके चलते रोगी कतार में धूप के बीच ही दवा लेने का इंतजार करते हैं।

इन दवा दुकानों से सटी हुई ही क्रय विक्रय सहकारी समिति की भी दवा दुकान है। लेकिन चिकित्सालय प्रशासन की ओर से रोगियों की सुविधा की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि इन दिनों तेज गर्मी के दौर के बीच मौसमी बीमारियों में इजाफा हुआ है। इससे चिकित्सालय का आउटडोर भी बढ़ गया है।

सूर्य के प्रचण्ड होते तेवर से होने लगे बेहाल
करौली. सूर्यदेव के रौद्र रूप धारण करने के साथ गर्मी के तल्ख होते तेवर आमजन पर भारी पड़ रहे हैं। दिन ब दिन तापमान के बढ़ते तेवर से आमजन परेशान हैं। अप्रेल के अन्तिम दिनों में ही पारा 42-43 डिग्री तक पहुंच रहा है। भीषण गर्मी का असर बाजार और सड़कों पर भी नजर आने लगा है। दोपहर में सड़कों पर सूनापन सा छा जाता है।

तेज गर्मी की स्थिति यह हो रही है कि सुबह 9-10 बजे से ही धूप परेशान करने लगती है, जो दिन चढऩे के साथ ही बढ़ती जाती है। दोपहर होते-होते तो सूर्यदेव के रौद्र रूप में गर्म हवाओं के थपेड़े परेशान करने लगे हैं। इसके चलते लोग सिर पर कपड़ा रखकर निकलने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं मुख्य सड़क मार्ग पर दोपहर में सन्नाटा पसरने लगा है। इधर बाजारों में शीतल पेय पदार्थों की बिक्री में इजाफा हो गया। ज्यूस की दुकानों, शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ नजर आती है।