युवाओं की नसों में घुल रहा नशा, ‘उड़ता पंजाब’ बन रहा करौली

युवाओं की नसों में घुल रहा नशा, ‘उड़ता पंजाब’ बन रहा करौली

होने लगी अफीम की खेती व बढ़ गई स्मैक की तस्करी

उड़ता पंजाब’ नहीं साहब अब कहिए ‘उड़ता करौली’, पुलिस ने एक माह में 10 बड़ी कार्रवाई

By: Anil dattatrey

Published: 04 Mar 2021, 10:40 AM IST

हिण्डौनसिटी. धर्म-कर्म और संस्कार देशभर में ख्यात करौली जिले में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। ‘उड़ता पंजाब’ की तरह करौली जिले में हिण्डौन, श्रीमहावीरजी, कैलादेवी, करौली व टोडाभीम के छोटे से लेकर बड़े कस्बे के साथ ही गली, मोहल्ले और हर चौराहे नशे का सौदागरों की निगाहों में है। बड़ी बात यह है कि अब तो जिले में अफीम और गांजा की खेती होने लगी है। साथ ही स्मैक की तस्करी और खपत भी बढ़ गई है। पिछले दिनों मण्डरायल के बीहडों में अफीम की खेती व करौली में पांच तस्करों से जब्त 40 लाख रुपए की स्मैक का पकड़ा जाना जिले वासियों के साथ ही पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गया है।


स्मैक से लेकर अफीम, गांजा और चरस जैसे घातक नशा के कारोबार हर जगह सक्रिय हैं। ऐसा कोई इलाका नहीं जहां लोगों को नशे की खुराक उपलब्ध न हो रही हो। पहले तो दूसरे शहरों से तस्कर नशे की खेप लेकर आते थे, लेकिन अब तो इसकी खेती होने लगी है। गाहे बगाहे नशे के सौदागर पकड़े भी जाते हैं पर उससे न तो नशे की खेप की आवक बंद हो रही है और न ही नशे का बाजार खत्म हो रहा है। बहरहाल फिल वक्त सबसे बड़ी समस्या जिले के किशोरों और युवाओं को नशे से बचाने की है।

हजारों युवकों की नशों में घुल रहा धीमा जहर-
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिण्डौन, टोडाभीम, करौली व श्रीमहावीरजी के हजारों युवकों को स्मैक, अफीम व गांजे की लत लग चुकी है। स्मैक की सप्लाई क्षेत्र के ही लोग कर रहे हैं, जो हर रोज नशे की हजारों पुडिय़ा बेच कर युवा पीढ़ी की सांसोंं में नशीली धुंआ घोल रहे हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कई ठिकानों पर स्मैक का धंधा चोरी छिपे पनप रहा है। जहां 400 से 500 रुपए में सफेद धुंए की पुडिया सहज ही मिल जाती है।


बीट कांस्टेबल से लेकर थानेदार तक को रहती है जानकारी-
ऐसा नहीं है कि नशे के काले कारोबार की जानकारी पुलिस को नहीं हो, लेकिन आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से ही यह कारोबार पैर पसार रहा है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस थानों के बीट कांस्टेबल से लेकर थानेदार तक नशे के इस काले धंधे से वाकिफ हंै, मगर मिलीभगत के चलते जरूरत के अनुसार कार्रवाई नहीं हो पाती। ऐसे में यह नशा शहर की सरहदों को पार कर गावों की गलियों में पहुंच दूध-दही से पले बढ़े युवाओं की जिंदगी खोखली कर रहा है। नशे की जद में आए कई युवाओं का उनके परिजनों ने बड़े शहरों में नशा मुक्ति केंद्र पर ले जाकर इलाज भी करवाया, मगर घर वापस लौटने पर वे फिर वे इस धीमे जहर का शिकार बन रहे हैं।


हिण्डौन बना नशे का अड्ड़ा, कोटा, और झालावाड से आ रही स्मैक-
जिले में ज्यादातर स्मैक की सप्लाई कोटा, झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़ जिले से हो रही है। नशे के कुछ सौदागर अब जोधपुर जिले में कैमिकल से बनी सस्ती स्मैक को भी यहां लाने लगे है, जो बेहद ही घातक है। पत्रिका की पडताल में पता चला कि नशा सप्लायर ट्रेन से स्मैक लेकर हिण्डौन तक आते हैं। जहां से ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। इसके बाद डिमांड के अनुसार विभिन्न इलाकों में स्मैक की खेप पहुंचती है।

गावों में महिलाएं बेच रही स्मैक-
हिण्डौन इलाके में स्मैक का ज्यादातर कारोबार सदर थाना इलाके के कोटरा ढहर, फैलीपुरा, कोटरी, पालनपुर, समेत डांग क्षेत्र से सटे गावों में होता है। जहां महिलाएं स्मैक की तस्करी में लिप्त है। दूसरी ओर शहर में यह काला धंधा कोतवाली थाने के समीप गोपाल गौशाला के आसपास, केशवपुरा, मण्डावरा फाटक, खरेटा रोड चुंगी के पास, तेली की पंसेरी रोड, रेलवे स्टेशन बजरिया में होता है। सूत्र बतातें है कि स्मैक की 1 ग्राम की पुडिया 700 रुपए में आती है, इसकी यहां 20-20 प्वांइट की 5 पुडिया बनती है, जो 300 से 400 रुपए में बिकती हैं। यानि 1 ग्राम के 15 सौ से 2 हजार रुपए तक वसूले जाते हैं।

स्मैक की तलब बढ़ा रही अपराध-
स्मैक की लत लगने बाद इसके शिकार व्यक्ति को हर हाल में स्मैक चाहिए होती है। तलब उठने के बाद स्मैक के नशेड़ी चोरी और नकबजनी करते हैं। पुलिस जांच में चोरी की वारदातों
में शामिल रहे कई युवकों के स्मैक के नशे के आदी होने की बात सामने आई है। पिछले दिनों क्राइम रिकॉर्ड देखा जाए तो अधिकतर ऐसी वारदातों में स्मैकचियों का ही हाथ सामने आया है। कई प्रतिष्ठान व घरों में चोरी व महिलाओं के गले से चैन, मोबाइल आदि छीनने की कई वारदातों में स्मैकचियों का हाथ सामने आया है।

पत्रिका व्यू-
स्मैक के नशे में आकंठ डूब चुके युवा चोरी से लेकर हत्या जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम देने से भी नहीं चूक रहे। पिछले दिनों ही दो चचेरे भाईयों ने चांदी के कड़े लूट दादी की हत्या कर दी।
ऐसे में युवा पीढ़ी को नशे से निजात दिलाने के लिए पहले परिजनों को आगे आना होगा। अभिभावकों को चाहिए कि अपने परिवार में नशे के आदी हो चुके युवाओं को सामाजिक तौर समझाईश हो। पुलिस को भी नशा करने वालों से बजाए नशे की तस्करी करने वाले सप्लायरों पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही जनभागीदारी से मुहिम चलानी चाहिए। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन एसपी प्रीति चन्द्रा ने स्मैक पर अंकुश लगाने के लिए फैलीपुरा में जागरूकता रैली आयोजित की थी। वर्ष 2015 में भी सामाजिक संगठन व स्थानीय लोगों के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाया था।

जानकारी जुटा करेंगे कार्रवाई-
नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में करौली में स्मैक की बड़ी खेप पकड़ी गई। साथ ही अफीम की खेती को पकड़ फसल को नष्ट कराया है। थाना स्तर पर भी खूब कार्रवाई हो रहीं है, लेकिन अब नशे को रोकने के लिए जनसहयोग लिया जाएगा।
-मृदुल कच्छावा
जिला पुलिस अधीक्षक, करौली।


फैक्ट फाइल-

दिनांक -कार्रवाई
2 मार्च -करौली में 40 लाख की स्मैक जब्त, पांच तस्कर गिरफ्तार
1 मार्च -हिण्डौन में मोक्षधाम के पास पांच ग्राम स्मैक के साथ युवक को पकड़ा
28 फरवरी -मंडरायल के दरगवां गांव के पास डेढ़ बीघा में हो रही अफीम की खेती पकड़ी
26 फरवरी -फैलीपुरा में 70 ग्राम स्मैक के साथ महिला तस्कर को पकड़ा।
24 फरवरी- नादौती में 18 ग्राम स्मैक के साथ दो जने गिरफ्तार
18 फरवरी- टोडाभीम में 114 ग्राम स्मैक के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
17 फरवरी -करौली में 6 ग्राम स्मैक के साथ एक युवक गिरफ्तार
14 फरवरी -हिण्डौन में 6 ग्राम स्मैक के साथ एक युवक को पकड़ा।
6 फरवरी -करौली में 66 किलो भांग व 400 ग्राम गांजा के साथ दो जने गिरफ्तार
5 फरवरी- करौली में 7 ग्राम स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार

Anil dattatrey Reporting
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