कैलामाता के दर्शन खुले, दुकानें अभी बंद , आर्थिक तंगी से त्रस्त हो रहे दुकानदार

कैलामाता के दर्शन खुले, दुकानें अभी बंद , आर्थिक तंगी से त्रस्त हो रहे दुकानदार
प्रशासन से की गाइडलाइन बनाकर अनुमति की गुहार
कैलादेवी। केंद्र सरकार व राज्य सरकार की ओर से दी गई छूट के बाद 7 सितम्बर से उत्तर भारत प्रसिद्ध आस्थाधाम मेें कैलादेवी के दर्शन तो खुल गए हैं लेकिन मंदिर के आसपास भोग-प्रसाद, कंठी-माला और पूजन सामग्री की दुकानें अभी बंद हैं। इन दुकानों के 6 माह से बंद होने से इन दुकानों के दुकानदार आर्थिक तंगी के बोझ से दबे जा रहे हैं।

By: Surendra

Published: 27 Sep 2020, 07:50 PM IST

कैलामाता के दर्शन खुले, दुकानें अभी बंद , आर्थिक तंगी से त्रस्त हो रहे दुकानदार
प्रशासन से की गाइडलाइन बनाकर अनुमति की गुहार
कैलादेवी। केंद्र सरकार व राज्य सरकार की ओर से दी गई छूट के बाद 7 सितम्बर से उत्तर भारत प्रसिद्ध आस्थाधाम मेें कैलादेवी के दर्शन तो खुल गए हैं लेकिन मंदिर के आसपास भोग-प्रसाद, कंठी-माला और पूजन सामग्री की दुकानें अभी बंद हैं। इन दुकानों के 6 माह से बंद होने से इन दुकानों के दुकानदार आर्थिक तंगी के बोझ से दबे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रशासन की ओर से माता के दर्शन की अनुमति दिए जाने के दौरान शर्त निर्धारित की गई है कि मंदिर में भोग-प्रसाद, माला, पूजन सामग्री और कोई चढ़ावा नहीं चढ़ेगा। इस कारण से कैलादेवी मंदिर परिसर और मंदिर के आसपास के इलाके में भोग-प्रसाद, माला, पूजन सामग्री आदि की दुकाने बीते 6माह से बंद पड़ी हैं। ये सभी दुकानें मंदिर ट्रस्ट की हैं । ट्रस्ट प्रबंधन द्वारा प्रशासन की गाइड लाइन की पालना में इन दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
इससे मंदिर परिसर तथा मंदिर मार्ग के बाजार में सन्नाटा पसरा है। साथ ही दुकानदार आर्थिक तंगी से परेशान हैं। दुकानदारों को उम्मीद थी कि माता के दर्शन खुलने पर उनका धंधा भी शुरू हो जाएगा। दर्शन तो खुल गए लेकिन उनकी दुकानों के बंद ही रहने से उनको काफी मायूसी हो रही है। उनका कहना है कि 6 माह से धंधा बंद होने से उनक सामने रोजी रोटी का संकट हुआ है और ऋण लेकर वे अपने परिवार का पेट भरने को मजबूर हो रहे हैं।

सर्व समाज सेवा समिति के वरिष्ठ कार्यकर्ता शिवकुमार जादौन तथा मंदिर के आसपास पूजन सामग्री व भोग-प्रसाद की दुकान करने वाले दुकानदार पूर्व उप प्रधान मनु गोयल, गोपाल, भरोसी, भोले शर्मा, श्याम सिंह चौहान, जीतू परमार ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी दुकानों को भी खोलने की अनुमति जारी की जाए। उनका कहना है कि जिस तरह से दर्शनों के लिए गाइड लाइन बनाई है, उसी तरह से मंदिर में पूजन सामग्री, चढ़ावे, भोग-प्रसाद के लिए गाइड लाइन तय की जानी चाहिए, जिससे उनकी रोजी-रोटी की व्यवस्था शुरू हो सके। गौरतलब है कि मंदिर में भेंट के लिए ट्रस्ट ने सेनेटाइज की व्यवस्था की हुई है लेकिन पूजन सामग्री, कंठी-माला आदि के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है। दुकानदारों ने इसके लिए भी गाइड लाइन बनाकर दुकान खोलने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।

Surendra Bureau Incharge
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