गांवों में रोडवेज का इंतजार, ग्रामीण निजी वाहनों में खा रहे धक्के

बालघाट. लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भलें ही शहरों में रोडवेज का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी रोडवेज का इंतजार, ग्रामीण निजी वाहनों में खा रहे धक्के खा रहे हैं। ग्रामीण आवागमन की सरकारी सुविधा से महरूम है उनको निजी वाहनों में धक्के खाने पड़ रहे हैं। खास बात ये है कि परिवहन निगम अधिकारी भी कोरोना के दौर में खाली चल रही बसों का हवाला देकर गांवों में बस चलाना मुश्किल बता रहे है।

By: Jitendra

Published: 30 Dec 2020, 08:03 PM IST

बालघाट. लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भलें ही शहरों में रोडवेज का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी रोडवेज का इंतजार, ग्रामीण निजी वाहनों में खा रहे धक्के खा रहे हैं। ग्रामीण आवागमन की सरकारी सुविधा से महरूम है उनको निजी वाहनों में धक्के खाने पड़ रहे हैं। खास बात ये है कि परिवहन निगम अधिकारी भी कोरोना के दौर में खाली चल रही बसों का हवाला देकर गांवों में बस चलाना मुश्किल बता रहे है। ग्राम पंचायत तिघरिया के सरपंच पृथ्वी सिंह ने बताया कि महू इब्राहिमपुर से लपावली वाया सिंघनिया के बीच यातायात के साधनों के अभाव में ग्रामीणों को हिंडौन अथवा टोडाभीम जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सिंघनिया सरपंच पूजादेवी एवं कटारा अजीज सरपंच मुकेशी देवी ने बताया कि ग्रामीणों को करीब पांच से छह किमी तक पैदल चलना पड़ता है। जरूरी कार्य होने पर तुरन्त साधन नहीं मिलने से समस्या बढ़ जाती है।
चार पंचायतों के दर्जनों गांवों में नहीं सुविधा
चार ग्राम पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोगों को रोडवेज बस की सुविधा नहीं मिल रही। ग्राम पंचायत तिघरिया, महमदपुर, सिंघनिया कटारा अजीज के ग्रामीणों ने बताया कि परिवहन निगम की बसें नहीं चलने से समस्या आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि शीघ्र ही परिवहन निगम ने गांवों में बसें संचालित नहीं की तो अंदोलन किया जाएगा।
सरपंचों ने लिखा परिवहन मंत्री को पत्र
ग्राम पंचायत के सरपंचों ने परिवहन निगम के मंत्री को पत्र लिखकर गांवों में रोडवेज बसें संचालित करने की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले दिनों हिंडौन सिटी रोडवेज आगार के मुख्य प्रबंधक ने रूट की जांच कराकर बसें संचालित कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

अभी बस चलाना मुश्किल
कोरोना के कारण बसें खाली चल रही है। ऐसे में ग्रामीण रूट पर रोडवेज चलाना मुश्किल है। उक्त रूट की जांच भी अभी नहीं करवाई गई है।
बहादुर सिंह गुर्जर, मुख्य आगार प्रबंधक रोडवेज, हिंडौन सिटी।

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