कान्हा के दरस बिना नहीं मोय चैन, मदनमोहनजी की चौखट पर ढोक

करौली. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर भले ही यहां के मदनमोहनजी मंदिर में दर्शनों के लिए दर्शनार्थियों का प्रवेश रोक दिया गया हो,

करौली. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर भले ही यहां के मदनमोहनजी मंदिर में दर्शनों के लिए दर्शनार्थियों का प्रवेश रोक दिया गया हो, लेकिन बंशीवाले के प्रति लोगों की आस्था के नजारे शुक्रवार को नजर आए। जन-जन के आराध्य भगवान मदनमोहनजी के दर्शन नहीं हो पाने से अनेक लोग बैचेन हंै।

दर्शन बंद होने के बावजूद कुछ लोग मंदिर पहुंचे और मंदिर के मुख्य द्वार की देहरी ढोककर वहीं पर भगवान को पुष्प अर्पित किए। हालांकि इस दौरान भीड़ जैसी स्थिति नहीं थी।

अपने आराध्य के दर्शन नहीं हो पाने से मायूस श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य द्वार पर ही ढोक लगाई। गौरतलब है कि शहर के कई लोग ऐसे हैं, जो तड़के मंगला आरती पर मदनमोहनजी के दर्शन के बाद ही अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं।

वहीं अनेक ऐसे भी हैं, जो सुबह-शाम में किसी ना किसी झांकी के दर्शन करने पहुंचते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कहर से आमजन को संक्रमित होने से बचाने के लिए गुरुवार शाम से मंदिर में आमजन का प्रवेश रोक दिया गया। ऐसे में श्रद्धालु मायूस हो उठे। कुछेक लोग सुबह अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार मंदिर पहुंचे और मुख्य द्वार पर ही ढोक लगाई। वहीं कुछेक जनों ने वहीं पर बैठकर बंशीवारे की आराधना की तो अनेक लोगों ने घरों में भगवान के चित्रपट की पूजा-आरती करने के बाद भोजन किया।

एक श्रद्धालु मंदिर के सामने चबूतरे पर बैठकर भगवान की भक्ति में तल्लीन दिखा, तो एक अन्य श्रद्धालु मुख्य द्वार पर भजन करते हुए नजर आया।

Dinesh sharma Reporting
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