करौली मण्डी यार्ड को स्वतंत्र मण्डी के संचालन का इंतजार

करौली. जिला मुख्यालय पर करीब तीन वर्ष से संचालित हो रही कृषि उपज मण्डी समिति यार्ड को कृषि उपज मण्डी समिति बनाने के प्रस्ताव अभी ठण्डे बस्ते में हैं।

By: Dinesh sharma

Published: 05 Dec 2020, 09:46 PM IST

करौली. जिला मुख्यालय पर करीब तीन वर्ष से संचालित हो रही कृषि उपज मण्डी समिति यार्ड को कृषि उपज मण्डी समिति बनाने के प्रस्ताव अभी ठण्डे बस्ते में हैं। सरकार की बजट घोषणा के अनुसार प्रदेश में 100 नई मण्डी समितियों की सौगात में करौली जिला मुख्यालय की गौण मंडी भी शामिल है, जिसके लिए करीब 6 माह पहले कृषि उपज मण्डी समिति हिण्डौनसिटी की ओर से प्रस्ताव तैयार कर कृषि विपणन विभाग को भिजवाए गए थे, लेकिन अब तक करौली मण्डी के स्वतंत्र संचालन का इंतजार बना हुआ है।

फिलहाल करौली मण्डी यार्ड हिण्डौन कृषि उपज मण्डी समिति के अधीन संचालित है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा के मुताबिक सरकार की ओर से प्रदेश में अन्य मंडियों के साथ करौली जिला मुख्यालय पर भी नई कृषि उपज मंडी समिति करौली शामिल है। इसके लिए कृषि उपज मंडी समिति हिण्डौनसिटी की ओर से प्रस्ताव तैयार कर कृषि विपणन विभाग को भिजवाए जा चुके हैं, लेकिन यह प्रस्ताव अभी ठण्डे बस्ते में हैं।

मण्डी का यूं चला सफर
वर्ष 2005 में राज्य सरकार ने जिला मुख्यालय पर कृषि उपज मण्डी यार्ड की स्वीकृति दी थी। इसके लिए गंगापुर रोडे पर फकीरा की बगीची के समीप के समीप भूमि आवंटित की गई। कुछ वर्ष तो यूं ही निकल गए। इसके बाद व्यापारियों ने भूखण्डों की अधिक दर बताते हुए मुंह मोड़े रखा। जैसे तैसे दरों पर सहमति बनने के बाद वर्ष 2013 में व्यापारियों के लिए भूखण्डों का आवंटन हो गया। करीब चार वर्ष बाद 2015-16 में मण्डी में दुकानें बनकर तैयार हो गईं और 4 अक्टूबर 2017 को मण्डी में कारोबार शुरू हो गया था, लेकिन पिछले तीन वर्ष में मण्डी यार्ड में कारोबार अधिक गति नहीं पकड़ सका है। असल में मण्डी यार्ड में सुविधाओं का भी टोटा है।

35 से 40 लाख रुपए की सालाना आय
पिछले तीन वर्ष के करौली मण्डी यार्ड के आय के आंकड़ों पर नजर डालें तो मण्डी को कृषि जिंसों के टैक्स के जरिए करीब 30 से 40 लाख रुपए की आय होती है। तीन वर्ष में भी मंडी में अपेक्षा के अनुरूप कारोबार शुरू नहीं हो सका है। मण्डी में व्यापारियों व किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं है। इसके चलते अभी भी इलाके के अनेक किसान हिण्डौनसिटी और गंगापुरसिटी की मंडियों में अपनी उपज को लेकर जाते हैं, जिससे करौली की मंडी में कम ही कृषि जिंस आती हैं। वर्तमान में मण्डी यार्ड का संचालन हिण्डौन मण्डी के अधीन हो रहा है। यहां एक मात्र कार्मिक नियुक्त है। सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2017-18 में मण्डी की आय 35.29 लाख , 2018-19 में 33.71 लाख तथा वर्ष 2019-20 में 39.75 लाख रुपए हुई थी।

मिलेंगी सुविधाएं होगा विकास
मण्डी का स्वतंत्र संचालन होने पर यहां प्रशासनिक अधिकारी अलग होने के साथ कार्मिकों की नियुक्ति होगी, जिससे किसानों को विभिन्न जानकारियां मिलने से फायदा मिलेगा। वहीं मण्डी में सुविधाएं भी बढेंगी। लैब आदि स्थापित हो सकेंगी। वहीं मण्डी की होने वाली आय से विकास कार्य हो सकेंगे।

प्रस्ताव भिजवा रखे हैं
करौली में अलग से नई कृषि उपज मंडी समिति स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कृषि विपणन विभाग को पूर्व में भेज दिए थे। आगे की कार्रवाई उच्च स्तर से ही होनी है।
राजेश कर्दम, सचिव कृषि उपज मंडी समिति, हिण्डौनसिटी

Dinesh sharma Reporting
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