एम्बुलेंस व शव वाहन के लिए किराया निर्धारित, दर से अधिक राशि वसूलने पर होगी कार्रवाई


करौली. कोरोना महामारी के संकट के दौर में आमजन को सुलभ एवं सस्ती एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार एम्बुलेंस एवं शव वाहनों का किराया निर्धारित किया गया है।

By: Dinesh sharma

Updated: 05 May 2021, 10:16 AM IST

करौली. कोरोना महामारी के संकट के दौर में आमजन को सुलभ एवं सस्ती एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार एम्बुलेंस एवं शव वाहनों का किराया निर्धारित किया गया है।
जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने बताया कि निर्धारित दर के अनुसार प्रथम 10 किमी तक 500 रुपए जिसमें आना-जाना शामिल होगा। 10 किमी के बाद वाहन मारूति वेन, मार्शल आदि की दर 12.50 रुपए प्रति किमी, टवेरा, इनोवा, बोलेरो, कूर्जर, रायनों आदि की दर 14.50 रुपए प्रति किमी तथा अन्य बड़े एम्बुलेंस व शव वाहन की दर 17.50 रुपए प्रति किमी निर्धारित की गई है। इसके अलावा एसी वाहन होने पर 1 रुपए प्रति किमी अतिरिक्त शुल्क लागू होगा।

पीपीई किट-सेनेटाइजेशन का अतिरक्त शुल्क
जिला कलक्टर ने बताया कि कोविड के मरीज एवं शव को लाने ले जाने के लिए एम्बुलेंस चालक की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए पीपीई किट एवं सेनेटाइजेशन का व्यय प्रति चक्कर 350 रुपए अतिरिक्त होगा। एम्बुलेंस व शव वाहनों का 10 किमी बाद का किराया दोनों तरफ का लागू होगा।
उन्होंने बताया कि डीजल 91 रुपए प्रति लीटर के अनुसार दरें निर्धारित की गई है प्रति लीटर डीजल में वृद्धि होने पर 20 पैसे प्रति रुपए की दर से उपरोक्त किराए में वृद्धि की जा सकेगी। आपात स्थिति में एम्बुलेंस संचालक आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन को वाहन को उपलब्ध कराने के लिए पाबंद रहेंगे तथा निर्धारित की गई दर से अधिक राशि वसूलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस संचालक द्वारा आमजन से अधिक राशि वसूलने पर जिला परिवहन अधिकारी नरेश बसवाल से मोबाइल नम्बर 9462494740, निरीक्षक पिंकी रानी मोबाइल नम्बर 7610025128 तथा निरीक्षक अविनाश चौहान हिण्डौन के मोबाइल नम्बर 7791985416 पर शिकायत कर सकते हंै।

पत्रिका ने उठाई थी समस्या
गौरतलब है कि दो दिन पहले राजस्थान पत्रिका ने वाहनों की समस्या को लेकर प्रमुखता खबर प्रकाशित कर यह समस्या उठाई थी। इसमें बताया था कि कोविड से मौत के बाद मृतक के परिजनों को मौत के दर्द के साथ वाहन के प्रबंध का दर्द भी झेलना पड़ता है। कोविड से होने वाली मौत के बाद शवों को ले जाने के लिए वाहनों का प्रबंध करना परिजनों को मुश्किल होता है। वहीं चिकित्सा विभाग की ओर से शव ले जाने को एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं है। निजी वाहन चालक संक्रमण की आशंका में अपने वाहन में कोविड संक्रमित शव को ले जाने की जोखिम नहीं उठाते, कोई तैयार भी होता है तो काफी अधिक राशि वसूली जाती है। अब वाहनों का किराया निर्धारित होने से लोगों को समस्या से राहत मिलेगी।

Dinesh sharma Reporting
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