अब लोकेशन के साथ विद सैल्फी देनी होगी निरीक्षण रिपोर्ट

करौली. सरकारी कार्यालयों और विकास कार्यों के निरीक्षण की रिपोर्ट अब तत्काल अधिकारियों तक पहुंचेगी।

By: Dinesh sharma

Published: 13 Jun 2021, 10:01 PM IST

करौली. सरकारी कार्यालयों और विकास कार्यों के निरीक्षण की रिपोर्ट अब तत्काल अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके लिए जिले में एक नया मोबाइल एप इजाद किया गया है, जिसके जरिए अधिकारियों-जांचकर्ताओं को मौके पर पहुंचकर ही मौके से जांच रिपोर्ट विद सैल्फी ऑनलाइन प्रेषित करनी होगी। अधिकारी और निरीक्षणकर्ता को अनिवार्य रूप से मौके पर पहुंचकर संबंधित कार्यालय और विकास कार्यों का निरीक्षण करके मौके पर ही रिपोर्ट तैयार करनी होगी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र करौली (एनआईसी) की ओर से आई लेंस नाम का यह मोबाइल एप जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग के निर्देशन में एनआईसी के तकनीकी निदेशक अनिल जैन ने तैयार किया है, जिसकी जिला कलक्टर की ओर से शुरूआत भी की जा चुकी है।

यह होंगे फायदे
मोबाइल एप के जरिए निरीक्षणकर्ता अधिकारी मौके से तत्काल निरीक्षण रिपोर्ट भेजे सकेंगे, जो एनआईसी के सर्वर पर आएगी। सर्वर में सभी रिपोर्ट देखी जा सकेंगी। इस मोबाइल एप में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के साथ स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, राशन दुकान, मनरेगा कार्य, ई-मित्र, विकास कार्यों आदि के निरीक्षण की सुविधा होगी। एप में संबंधित कार्यालय की गतिविधियों के अनुसार सुविधा प्रदान की गई है। जैसे स्कूल निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की संख्या, मिड-डे मिल, पानी, बिजली, शौचालय सुविधा, भवन की स्थिति आदि प्वाइंट दिए गए हैं, वहीं उचित मूल्य दुकान के निरीक्षण रिपोर्ट में उस दुकान से जुडे लाभान्वित परिवार, स्टॉक सहित अन्य जानकारी शामिल हैं। वहीं मौके पर योजनाओं की क्रियान्विति की प्रगति की स्थिति में इसमें भरी जा सकेगी। इसी प्रकार मनरेगा कार्य या अन्य विकास कार्यों के अनुसार प्वाइंट शामिल किए गए हैं।

संस्था प्रधान को देंगे यूजर आईडी
जिला कलक्टर जांच रिपोर्ट को देख सकेंगे। वहीं एनआईसी की ओर से सभी सरकारी कार्यालयों के एचओडी (संस्था प्रधान) को निरीक्षण रिपोर्ट देखने के लिए यूजर आईडी जारी की जाएगी। संबंधित अधिकारी द्वारा निरीक्षण के बाद मोबाइल एप में जांच रिपोर्ट सबमिट की जाएगी। यह रिपोर्ट रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर से ही सबमिट हो सकेगी।

विद सैल्फी आएगी रिपोर्ट
एनआईसी द्वारा इस मोबाइल एप को तैयार करने में डेढ़ माह का समय लगा। मोबाइल एप में जांच रिपोर्ट सबमिट करने के दौरान लोकेशन ऑन रहेगी। बिना लोकेशन के एप कार्य नहीं करेगा। जांच रिपोर्ट सबमिट करते समय संबंधित अधिकारी अपनी सैल्फी के साथ रिपोर्ट को सबमिट करेंगे, उसी के अनुसार लोकेशन (संबंधित स्थान) भी आएगी। इससे दूसरी जगह से रिपोर्ट सबमिट करने की स्थिति में लोकेशन बदल जाएगी।

इंटरनेट नहीं तो भी मौके से होगा स्टोर
चूंकि जिले के कई इलाके ऐसे हैं जहां इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह नहीं है। इसका भी इस मोबाइल एप में ध्यान रखा गया है। संबंधित निरीक्षणकर्ता अधिकारी अपनी निरीक्षण रिपोर्ट तो मौके से ही सबमिट करेंगे, जो उसमें स्टोर (सेव) हो जाएगी, जब बाद में दूसरे स्थान पर नेटवर्क मिलेगा तो वहां से वे रिपोर्ट को ऑनलाइन कर सकेंगे और लोकेशन निरीक्षण स्थल की ही आएगी।

इनका कहना है.....
एनआईसी की ओर से आई लैंस नाम से मोबाइल एप तैयार किया है, जिससे मौके से ही निरीक्षण रिर्पोट भेजने में मदद मिलेगी। इसका उपयोग करना भी सरल है। यह एप उपयोगी साबित होगा।
सिद्धार्थ सिहाग, जिला कलक्टर, करौली

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जिला कलक्टर के निर्देशन में आई लैंस नाम से मोबाइल एप तैयार किया है। यह एप सरकारी कार्यालयों, विकास कार्यों, मनरेगा सहित अन्य निरीक्षणों की जांच रिपोर्ट भिजवाने में उपयोगी साबित होगा। गुगल प्लेस्टोर से इसे डाउनलोड किया जा सकेगा। हालांकि जांच रिपोर्ट वे ही अधिकारी सबमिट कर सकेंगे, जिन्हें जिला कलक्टर द्वारा जांच के लिए अधिकृत किया जाएगा और उनका मोबाइल नम्बर रजिस्टर्ड होगा।
अनिल जैन, तकनीकी निदेशक, एनआईसी करौली

Dinesh sharma Reporting
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