करौली: 4 शताब्दी प्राचीन है बालरूपी हनुमान प्रतिमा

नदी दरवाजे बाहर दिगम्बर अखाड़े पर स्थित है मंदिर

By: Dinesh sharma

Published: 08 Oct 2021, 08:01 PM IST

Karauli, Karauli, Rajasthan, India

करौली. जिला मुख्यालय पर नदी दरवाजे बाहर दिगम्बर अखाड़ा सीतारामजी मंदिर में हनुमानजी की बालरूपी प्रतिमा विराजमान है। बताते हैं कि यह प्रतिमा करीब चार शताब्दी प्राचीन है। इस प्रतिमा के सामने सीतारामजी का मंदिर है, जिनके समक्ष बालरूप की यह प्रतिमा भगवान राम और माता सीता के समक्ष हाथ जोड़कर खड़ी मुद्रा में है। इस कारण से इस मंदिर को दास हनुमान के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। लोग इस प्रतिमा को चमत्कारी मानते हैं और मनौती लेकर पहुंचते हैं। आए दिन यहां धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। वर्तमान में नवरात्र में भी यहां अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन चल रहा है।

मंदिर समिति के 77 वर्षीय बद्रीप्रसाद गर्ग के अनुसार बालरूप की हनुमानजी की प्रतिमा लगभग ढाई-तीन फीट की है। यह प्रतिमा हाथ जोडऩे की मुद्रा में सीतारामजी मंदिर के सामने स्थित है। प्राचीन काल में यहां पर नागा साधुओं का दिगम्बर अखाड़ा रहा है। नागा साधुओं द्वारा ही इस मंदिर में सेवा-पूजा भी की जाती थी। करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले तक नागा साधु यहां रहे। उनके बाद तुलसीदास बाबा ने मंदिर में सेवा-पूजा की। वर्तमान में मंदिर की व्यवस्था एक समिति के माध्यम से की जा रही हैं। समिति ने धीरे-धीरे मंदिर का जीर्णोद्धार और विस्तार भी कराया गया। सौन्द्रर्यीकरण का कार्य भी यहां कराया गया है।

गर्ग के अनुसार उस जमाने में इस मंदिर की पहचान अन्य राज्यों में निशान के माध्यम से होती थी, यहां से अन्य स्थान पर जाने वाले नागा साधु इस मंदिर का निशान लेकर जाते थे। गर्ग बताते हैं कि नवरात्राओं के अलावा अन्य मौकों पर अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन होता है, वहीं छप्पनभोग,अन्नकूट आदि के आयोजन भी होते है। मंदिर में दूरदराज स्थानों से संतों का आवागमन भी बना रहता है।

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