करौली अस्पताल में इस तरह हांफ रही व्यवस्थाएं: अब टेबल और स्ट्रेचर पर हो रहा उपचार

मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग

वार्डों में पलंगों का टोटा,एक पलंग पर दो से तीन रोगी

By: Dinesh sharma

Published: 13 Oct 2021, 07:55 PM IST

करौली. मौसमी बीमारियों के चलते यहां सामान्य चिकित्सालय में रोगियों की बढ़ती संख्या से चिकित्सालय की व्यवस्थाएं भी हांफने लगी हैं। पिछले दिनों से चिकित्सालय में आउडडोर रोगियों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही भर्ती रोगियों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है,जिसके चलते अस्पताल के वार्ड फुल हैं और पलंगों का टोटा पड़ गया है।

स्थिति यह है कि एक पलंग पर दो से तीन रोगियों को भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं इसके बावजूद रोगियों को जगह नहीं मिल पा रही। ऐसे में अब टेबल और स्टे्रचर तक पर रोगियों को भर्ती कर उपचार करना पड़ रहा है। मौसमी बीमारियों के पैर पसारने से अस्पताल का आउटडोर 2 हजार तक पहुंच रहा है। वहीं इनडोर में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं और चिकित्साकर्मियों पर भी काम का दबाव बढ़ा हुआ है।

वार्डों में क्षमता से दोगुने मरीज
सामान्य चिकित्सालय में मेल-फीमेल वार्ड फुल हुए हैं। रोगियों के आंकड़ों को देखें तो फीमेल वार्डों में कुल 35 पलंग हैं, जिनके मुकाबले मंगलवार को 67 महिला रोगी भर्ती थीं। ऐसे में एक पलंग पर दो से तीन महिला रोगी भर्ती नजर आईं, वहीं कुछ रोगियों को टेबल और स्टे्रचर पर बोतल लगाई जा रही थी।

इसी प्रकार की स्थिति मेल मेडिकल वार्ड में दिखी, जहां पहले से बने वार्डों के अलावा पिछले दिनों एक और वार्ड में पलंगों की व्यवस्था की गई, लेकिन रोगियों की बढ़ती संख्या से यह व्यवस्था भी कम पड़ गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मेल मेडिकल में पहले 35पलंगों की व्यवस्था थी, लेकिन इनडोर रोगियों कीसंख्या में इजाफा होने के बाद एक अन्य वार्ड में 20 पलंग और लगाकर रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। इसके बावजूद मंगलवार को मेल मेडिकल में दोपहर तक भर्ती रोगियों की संख्या 91 तक जा पहुंची। यानि कुल 55 पलंगों की क्षमता के मुकाबले 91 रोगी भर्ती हुए।

होने लगी जद्दोजहद
रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच हांफती व्यवस्थाओं के कारण रोगियों व चिकित्साकर्मियों के बीच कहासुनी भी होने लगी है। जब रोगियों को पलंग नहीं मिलते हैं तो वे चिकित्साकर्मियों से उलझते नजर आते हैं।

डेंगू का भी डंक
मौसमी बीमारियों में खांसी, जुकाम, बुखार के अलावा लोग डेंगू बुखार की भी चपेट में आ रहे हैं। डेंगू पीडि़तों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार अस्पताल की लैब में रोजाना औसतन 50 से 90 जांचें केवल डेंगू की हो रही हैं, जिनमें डेंगू पीडि़त रोगी मिल रहे हैं।

आउटडोर-इनडोर पर एक नजर में )अक्टूबर)
तारीख आउटडोर इनडोर
6 1680 300
7 928 349
8 1491 217
9 968 175
10 1086 235
11 1621 303

Dinesh sharma Reporting
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