राजस्थान के करौली में किसानों ने बिजली के लिए रोका हाइवे, जाम में फंसे वाहन

By: vinod sharma

Published: 04 Jan 2018, 08:47 PM IST

Karauli, Rajasthan, India

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करौली. ङ्क्षसचाई के लिए रात में बिजली की आपूर्ति होने और विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता के व्यवहार से नाराज किसानों ने गुरुवार शाम हिण्डौन सिटी-करौली रोड स्थित गुडला के पास हाइवे पर जाम लगा दिया। जिससे आवागमन ठप होने से यात्री सर्दी से ठिठुर गए। दिन में बिजली आपूर्ति की मांग के लिए किसान निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय आए, जहां पर उन्होंने वार्ता के लिए अधीक्षण अभियंता को कक्ष से बाहर बुलाया, लेकिन अधीक्षण अभियंता बाहर नहीं आए।
जिससे नाराज किसान गुडला गांव पहुंचे, जहां पर सडक़ पर पत्थर डाल जाम लगा दिया। इस दौरान हिण्डौन सिटी व करौली के वाहन रास्ते में ही रुक गए।
रोडेवज की बसों को स्टैण्ड से नहीं भेजा गया। जाम की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त जिला कलक्टर राजनारायण शर्मा ने किसानों की समस्याओं को जानकारी ली तथा गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से भी बातचीत की। उन्होंने जाम हटाने का आग्रह किया, लेकिन किसान निगम के अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की मांगपर अड़े हैं।

अलाप जलाकर गुजारा समय
जाम में वाहनों के फंसने यात्री सर्दी में ठिठुर गए। छोटे-छोटे बच्चे के साथ यात्रियों ने अलाप जलाकर सर्दी से राहत पानेका प्रयास किया,.रात में सर्दी से ठिठुरते रहे। लोगों ने किसानों से जाम को हटाने की मांग की, लेकिन किसानों ने जाम हटाने से साफ इनकार कर दिया।

कलक्ट्रेट और एसई कार्यालय में हंगामा
इससे पहले किसान कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन यहां पर सहायक कलक्टर से मिलने के बाद विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय गए। किसानों ने यहां प्रदर्शन किया और फरियाद सुनाने के लिए एसई को बाहर बुलाने की मांग की, लेकिन दो बार बुलावा पहुंचने के बाद भी एसई अपने चेम्बर से बाहर तक नहंीं निकले। ऐसे में किसान आर-पान की लड़ाई की चेतावनी देते हुए लौट गए।

गुड़ला व खरेटा फीडर के करीब ४० गांवों के ज्ञापन लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि कड़ाके की सर्दी में पिछले एक माह से रात्रि के समय ही बिजली दी जा रही है। वह भी सिर्फ तीन या चार घंटे, जबकि रोस्टर प्रणाली के हिसाब से हर सप्ताह क्रम बदलना चाहिए। किसानों ने कहा कि पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है और क्षेत्र में दो किसानों की मौत भी हो चुकी है, जबकि कई बीमार हैं। सर्दी से पहले रोस्टर के अनुसार बिजली दी जा रही थी। किसानों ने जनवरी माह में दिन में बिजली देने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि पूर्व में किसानों को आठ घंटे बिजली मिल रही थी, जबकि अब सिर्फ तीन-चार घंटे ही मिलती है। इसमें भी बार-बार ट्रिप होती है। इस मौके पर हेमराज सिंह, शीशराम, राम सिंह, चिम्मन, शिवचरण, नारायण सिंह गुर्जर, आलम सिंह, रेख सिंह, पप्पूराम, प्रेम सिंह, सरदार, सियाराम, बिजेन्द्र, मान सिंह, मेघराम, प्रेम सिंह, ज्ञान सिंह, मुसीराम, रामचन्द्र, जनक सिंह, हरी, भीम सिंह, समय सिंह, रामजीलाल, भगवान सिंह, राजभान, रामगोपाल, हररूप, हरीराम, धन सिंह, शिवराम, पूरन, हिमाल, महेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे। बिजली की अनियमित आपूर्ति के संबंध में भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह बैंसला ने भी जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन दिया।

बिल भरने वालों से ही मिलंूगा
एसई से मिलने पहुंचे किसानों ने एसई को बाहर बुलाने की मांग की। इस पर निगम के कुछ कर्मचारी अंदर गए और एसई से किसानों की समस्या सुनने की बात कही। इस पर एसई ने १० से 11 लोगों से मिलने की बात कही। इसमें भी यह शर्त रख दी कि किसान पहले भरे हुए बिल लेकर आएं। इसके बाद ही मुलाकात हो सकेगी। इस पर किसान भडक़ गए और नारेबाजी की।
किसानों ने आरोप लगाया कि एसई उन्हें हेय दृष्टि से देख रहे हैं। दोबारा भी किसानों ने एसई से मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन एसई चेम्बर से बाहर नहीं निकले। इस पर किसान गुस्से में आर-पार की लड़ाई लडऩे की बात कहकर निगम कार्यालय से चले गए।
इनका कहना है
बिजली सरकार के नियमानुसार ही दो-दो ब्लॉक में दी जा रही है। यह लगातार दिन में बिजली की मांग रहे हैं, जो संभव नहीं है। यदि सब दिन में मांगेंगे तो व्यवस्था ठप हो जाएगी। मैं कार्यालय में अपने उपभोक्ताओं की बात सुनने ही बैठा हूं। मैंने प्रतिनिधिमंडल अंदर बुलाया था। मैं बाहर क्यूं आऊं। बाहर आने पर यह लोग अभद्र व्यवहार करते हैं।
- बी.एस. मीना, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम करौली

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