52 स्कूलों के संस्थाप्रधानों को चार्जशीट मिलेगी

करौली. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में (Karauli Secondary Education) न्यून परिणाम देने वाले ५२ सरकारी स्कूलों के संस्थाप्रधानों पर गाज गिरेगी। जिसकी कवायद अंतिम चरण में है। इसके अलावा ५२ स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

By: vinod sharma

Updated: 03 Dec 2019, 04:09 PM IST

Karauli, Karauli, Rajasthan, India

करौली. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में (Karauli Secondary Education) न्यून परिणाम देने वाले ५२ सरकारी स्कूलों के संस्थाप्रधानों पर गाज गिरेगी। जिसकी कवायद अंतिम चरण में है। इसके अलावा ५२ स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कमजोर परिणाम देने वाले स्कूलों के संस्थाप्रधानों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत स्कूलों की सूची मांगी गई है। सूत्रों ने बताया कि करौली के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय माध्यमिक ने न्यून परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के संस्थाप्रधानों की सूची निदेशालय भेजी है। सूची में ५२ स्कूलों को शामिल किया है। जिनमें माध्यमिक स्कूल 42 व उच्च माध्यमिक स्कूल आठ है। इन लापरवाह संस्थाप्रधानों को शिक्षा निदेशालय से आरोप पत्र जारी होंगे। इनके अलावा विषयगत अध्यापकों की सूची तैयार की जा रही है। जिसमें विज्ञान, गणित, अंग्रेजी तथा अन्य विषयों में कम परिणाम देने वाले विषय के शिक्षकों को शामिल किया जाएगा।
इन स्कूलों से एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ
यूं तो जिले के ५२ स्कूलों का परिणाम मापदण्ड़ों के आधार नहीं रहा। लेकिन राजकीय माध्यमिक स्कूल अरोरा, कल्याणपुरा व नैनियाकी गुआड़ी का परिणाम सबसे कम शून्य पर रहा है। इन स्कूलों में अध्ययनरत एक भी विद्यार्थी दसवीं कक्षा पास नहीं कर सका। अरोरा में तीन में तीन विद्यार्थी फेल हो गए हैं। इसी प्रकार कल्याणपुरा स्कूल में कक्षा दसवीं में छह विद्यार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें से दो ने परीक्षा दी और दोनों ही फेल हो गए। नैनियाकी गुआडी में पांच से चार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से एक भी विद्यार्थी पास नहीं हो सका। राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल महू इब्राहिमपुर में वाणिज्य संकाय में चार में एक विद्यार्थी पास हुआ है।
अब अधिकारियों की दी जिम्मेदारी
शिक्षा निदेशालय ने जिले के ५२ स्कूलों में परीक्षा परिणाम सुधारने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी है। सभी स्कूलों में प्रधानाचार्य, एसीबीईओ स्तर के अधिकारी लगाए गए हैं, जो उक्त स्कूलों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगे। हर सप्ताह स्कूल में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद करेंगे। संवाद के दौरान स्कूलो में उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा की जानकारी लेंगे। इसके अलावा अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। अतिरिक्त कक्षाओं में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तैयारी विशेष रूप से कराई जाएगी। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी व माध्यमिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी को उक्त अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था में सुधार की रिपोर्ट भी देंगे।

अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है
५२ स्कूलों का परीक्षा परिणाम न्यून रहा है, जिसकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेज दी गई है। वहां से लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी दी गई है।
भरतलाल मीना जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक करौली

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