डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों से जगाई शिक्षा की अलख

करौली. 82 साल के सेवानिवृत्त शिक्षक (Karauli teacher Jaganlal Jatav) जगनलाल जाटव ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शों को जीवन में उतारकर शिक्षा की अलख जगाई। वे अभी भी सामाजिक स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा देने में जुटे हैं।

By: vinod sharma

Published: 05 Sep 2019, 09:40 AM IST

करौली. 82 साल के सेवानिवृत्त शिक्षक (Karauli teacher Jaganlal Jatav) जगनलाल जाटव ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शों को जीवन में उतारकर शिक्षा की अलख जगाई। वे अभी भी सामाजिक स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा देने में जुटे हैं।
मण्डरायल के राजकीय प्राथमिक स्कूल में 24 साल तक सेवारत रहे (Karauli teacher Jaganlal Jatav) जगनलाल ने देखा कि दलित, पिछड़े और निर्धन वर्ग के बच्चे कम संख्या में स्कूल पढऩे आते है।

इस स्थिति को देख उनके मन में टीस उठी और उन्होंने दलित तथा निर्धन बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प लेते हुए इस दिशा में कार्यकिया। वे ऐसे बच्चों के घर-घर जाते और उनके अभभावकों को स्कूल में भेजने के लिए प्रेरित करते। इसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे। स्कूल में बच्चों की संख्या बढऩे लगी। वे नियमित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से सम्पर्क में रहने लगे, जिससे अभिभावकों का विश्वास भी जीत लिया।

जाटव ने बताया कि छात्राओं को स्कूल से जोडऩे में अधिक मशक्कत करनी पड़ती , जगनलाल बताते कि तीस साल पहले दलित समाज की छात्राएं नाम मात्र को ही स्कूल आती थी। उनकी शादी भी जल्दी कर दी जाती। इसको लेकर वे लगातार अभिभावकों के घरों पर जाकर बालिकाओं को स्कूल भेजने और 18 साल की उम्र पर शादी के लिए प्रेरित करते रहे।
वह सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक संगठन के माध्यम से बालक-बालिकाओं को शिक्षा से जोडऩे पर काम करते हैं। वे आए दिन विभिन्न स्थानों पर समाज के लोगों के साथ बैठक करते है। उनका एक मात्र मिशन है कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मंशा के अनुरूप बच्चे-बच्ची अधिक से अधिक शिक्षित बनें।

vinod sharma
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