ये आस्था खतरा न बन जाए

करौली के प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन का एहतियात बरतना जोखिम भरा साबित हो सकता है। मंदिर प्रबंधन ने दो दिन से मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश सीमित समय के लिए किया है। इसका दुष्प्रभाव हो रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ मुख्यगेट के आगे जमा हो जाती है जो मंदिर गेट खुलने का इंतजार करती है। मंदिर के मुख्य रास्ते में संकरी गली होने से यह श्रद्धालुओं से इस तरह से खचाखच हो जाती है जिससे संक्रमण का खतरा अधिक नजर आता है।

By: Surendra

Published: 19 Mar 2020, 12:30 PM IST


करौली. करौली के प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन का एहतियात बरतना उल्टे जोखिम भरा साबित हो सकता है। मंदिर प्रबंधन ने दो दिन से मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश सीमित समय के लिए किया है। मंदिर का मुख्य गेट दर्शन आरती के समय ही खोला जा रहा है। इससे पहले मुख्य गेट खुला होने के कारण श्रद्धालु मंदिर में जाकर भजन आदि किया करते थे। महिलाएं भजन गाती रहती थी। अब यह सब बंद हो गया है। मुख्य गेट बंद रहता है। इसका दुष्प्रभाव यह हो रहा है कि श्रद्धालुओं की भीड़ मुख्यगेट के आगे जमा हो जाती है जो मंदिर गेट खुलने का इंतजार करती रहती है। मंदिर के मुख्य रास्ते में संकरी गली होने से यह श्रद्धालुओं से इस तरह से खचाखच हो जाती है जिससे संक्रमण का खतरा अधिक नजर आता है। मंदिर में कम से कम बड़ा परिसर होने से लोग बिखरे हुए रहते थे। यहां तो उल्टे खचाखच भरी स्थिति ने समस्या और आशंका बढ़ा डाली है। गुरुवार को सुबह के दर्शन के समय गेट बंद होने पर महिलाएं वहां पर ही भीड़ के बीच भजन गाने लग गई। इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मदनमोहनजी के प्रति यहां के लोगों की गहरी आस्था है।

Surendra Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned