मुमुक्षूओं का निकाला वरघोड़ा, दीक्षा तिथि की हुई घोषणा

Mumukshu's garland, initiation date announced

जिनशासन के जयकारों से गूंज उठा वातारण

By: Anil dattatrey

Updated: 20 Sep 2021, 12:07 AM IST

हिण्डौनसिटी. संयम पथ पर अग्रसर होने वाले जैन दीक्षार्थियों का रविवार को शहर मेंं वरघोड़ा निकाला गया। पन्यास प्रवर जैन मुनि धैर्यसुंदर विजय और निर्मोहसुंदर विजय की निश्रा में निकले वरघोड़ा का जगह-जगह स्वागत किया गया। मुमुक्षू अरिहंत की 21 जनवरी को खेड़लीगंज और मुमुक्षिका भव्या की 15 जनवरी को नदबई में दीक्षा होगी।


श्वेताम्बर जैन पल्लीवाल नवयुवक चैरीटेबल ट्रस्ट के वर्धमान जैन और डॉ. मनोज जैन ने बताया कि मुमुक्षू अरिहंत और मुमुक्षिका भव्या ने सुबह जैन उपाश्रय मोहन नगर पहुंच जैन मुनियों की चरण वंदना कर आशीर्वाद लिया। उसके बाद बैण्डबाजे के साथ दोनों मुमुक्षूओं का वरघोड़ा निकाला गया। भगवान महावीर के जयकारों के बीच वरघोड़ा मोहन नगर उपाश्रय से जैन मंदिर पहुंचा। जहां मुमुक्षू-मुमुक्षिका के अलावा श्रावक-श्राविकाओं ने महावीर प्रभु की वंदना की। बाद में वरघोड़ा अहिंसा सर्किल, स्टेशन रोड, मण्डावरा रोड पर एक मैरिस पैलेस पहुंचा। वरघोड़ा में भजनों की धुन पर श्रावक-श्राविका नृत्य करते हुए चले। अरिहंत वीर प्रभु और जिनशासन के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।

पैलेस पहुंचने पर जैन समाज सकल संघ की ओर से मुमुक्षूओं का बहुमान किया गया। इस दौरान प्रवचनों में मुनि द्वय ने कहा कि भगवान महावीर के बताए हुए मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा देना महान कार्य है। इस कार्य को करने संयम पथ की ओर कदम बढ़ाने के लिए दोनों मुमुक्षूओं की अनुमोदना है। साथ ही मुनि द्वय ने दोनों मुमुक्षूओं को सफलतापूर्वक संयम के कठिन मार्ग पर चलने के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान दोनों मुमुक्षूओं ने भी संयम पथ को जीवन का सर्वश्रेष्ठ मार्ग बताया।

इससे पूर्व हिण्डौन से बाहर के आए समाज संघों के प्रतिनिधियों, स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी सुभाष चंद जैन, मुमुक्षूओं के परिजनों आदि का अभिनंदन किया गया। मंच संचालन मनोज जैन व डॉ. मनोज ने किया। कार्यक्रम में हिण्डौन के अलावा पटोंदा, कटकड़, झारेड़ा, बरगमां, गंगापुरसिटी, खेड़लीगंज, नदबई, अलवर, जयपुर, महवा सहित कई स्थानों से श्रावक-श्राविका शामिल हुए।

दीक्षा तिथि व स्थान की हुई घोषणा
कार्यक्रम के दौरान जैन मुनियों ने मुमुक्षूओं की दीक्षा तिथि तथा स्थान की घोषणा की। जैसे ही मुनि द्वय ने बताया कि 15 जनवरी को मुमुक्षू भव्या की नदबई तथा मुमुक्षू अरिहंत की 21 जनवरी को खेड़लीगंज में दीक्षा होगी तो पाण्डाल वीर प्रभु के जयकारों से गूंज उठा। साथ ही दीक्षार्थी अमर रहे के जयकारे लगाए गए। इसके अलावा बताया कि 21 जनवरी को खेड़लीगंज में ही मुनि निर्मोहसुंदर विजय को गणिवर्य की पदवी भी प्रदान की जाएगी। इससे पहले 1& दिसम्बर को पटोंदा गांव में नवनिर्मित मंदिर का प्रतिष्ठा समारोह होने की भी घोषणा की गई।



प्रवीण नाहटा का किया सम्मान

हिण्डौनसिटी. श्री जैन श्वेतांबर पल्लीवाल संघ हिण्डौन के तत्वावधान में दीक्षा मुहूर्त उद्घोषणा कार्यक्रम में पन्यास प्रवर जैन मुनि धैर्यसुंदर विजय और निर्मोहसुंदर विजय की निश्रा में दो युवाओं मुमुक्षु अरिहंत और मुमुक्षिका भव्या को संयम मार्ग पर आगे बढऩे और दीक्षा लेने का मुहूर्त तय किया गया।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तपाग'छ संघ जयपुर के संघ मंत्री प्रवीण नाहटा ने सकल पल्लीवाल समाज का आव्हान किया कि महावीरजी तीर्थ के संघर्ष में एकजुट होकर आगे आएं। अपनी सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखने के लिए हमें यह तीर्थ फिर से हासिल करना ही है। हिण्डौन जैन समाज के द्वारा प्रवीण नाहटा का शॉल ओढ़ा कर सम्मान किया गया।

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