अनाथ बालक को मिला सरकार का आसरा

अनाथ बालक को मिला सरकार का आसरा
तीन माह से पड़ोसी कर रहा था देखभाल
बाल कल्याण समिति ने की मानसिक-विमंदित गृह में व्यवस्था
करौली। बाल कल्याण समिति ने 7 वर्षीय अनाथ बालक को मानसिक-विमंदित गृह करौली में रखने के आदेश दिए हैं। अभी तक यह बालक मेहंदीपुर बालाजी में एक पुजारी के घर पर रह रहा था। बालक को नया आसरा दिलवाने में एकट बोध ग्राम संस्था द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन 1098 मददगार बनी।

By: Surendra

Published: 15 Apr 2021, 08:20 PM IST

अनाथ बालक को मिला सरकार का आसरा
तीन माह से पड़ोसी कर रहा था देखभाल
बाल कल्याण समिति ने की मानसिक-विमंदित गृह में व्यवस्था
करौली। बाल कल्याण समिति ने 7 वर्षीय अनाथ बालक को मानसिक-विमंदित गृह करौली में रखने के आदेश दिए हैं। अभी तक यह बालक मेहंदीपुर बालाजी में एक पुजारी के घर पर रह रहा था। बालक को नया आसरा दिलवाने में एकट बोध ग्राम संस्था द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन 1098 मददगार बनी।
एकट बोध ग्राम संस्था के कार्यक्रम प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि चाइल्ड लाइन 1098 को सूचना मिली कि मेहंदीपुर बालाजी में आयुश शर्मा पुत्र सिद्धार्थ अनाथ है और वहां पड़ोस में रहने वाले एक पुजारी द्वारा उसको रखा जा रहा है।
जानकारी करने पर पता चला कि बच्चे का पिता मानसिक तौर पर कमजोर होने से 5 वर्ष पहले ही लापता हो चुका है जबकि मां का तीन माह पहले निधन हो गया। ऐसे में बालक की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। बालक को बालाजी में लक्ष्मण नामके पुजारी ने रखा हुआ है।
इस जानकारी के मिलने पर चाइल्ड लाइन ने बालक सहित पुजारी लक्षमण को करौली बुलाया और समझाइश के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति के सदस्य
अनिल शर्मा, दिलीप मीना ने बालक के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने के बाद बालक के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे मानसिक विमंदित गृह करौली में प्रवेश दिए जाने के आदेश दिए।
इस दौरान 1098 हेल्पलाइन करौली के कोर्डिनेटर विजय माली, विष्णु शर्मा एवं बालक के पड़ोसी लक्षमण शर्मा उपस्थिति रहे।

Surendra Bureau Incharge
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