लॉक डाउन में सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंच रहे लोग

People reaching home walking hundreds of kilometers in lock down-दिल्ली, कर्नाटक, यूपी व हरियाणा से लौट रहे लोग-कोटवास में 18, खोखलियान का पुरा में 6 तथा वैद्यवाड़ा में आए 5 जने

हिण्डौनसिटी. कोरोना से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन के चलते दूसरे रा’यों में रोजी-रोटी कमाने गए उपखंड क्षेत्र के सैंकड़ों श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन के साथ अन्य वाहनों की आवाजाही बंद होने की वजह से ये लोग घर वापसी के लिए पैदल चलकर सैंकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करने को मजबूर हो रहे हंै। पड़ोसी रा’य दिल्ली, उत्तरप्रदेश व हरियाणा में पत्थर की कारीगरी करने गए कोटवास गांव के 18 श्रमिक मंगलवार रात को पैदल घर लौटे तो उनके परिजनोंं ने तो चैन की सांस ली, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के अंदेशे में पास-पड़ोस के लोग बैचेन हो गए हैं।

लॉक डाउन के कारण दिल्ली में मार्बल मिस्त्री का काम करने वाले संदीप कुमार अपने गांव के ही रहने वाले 13 अन्य साथियों के साथ जनता कफ्र्यू के दिन 22 मार्च को अपने गांव कोटवास के लिए निकले। इस बीच रास्ते में उन्हें पुलिस पूछताछ व रोकटोक के अलावा कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार आधी रात को जब वे घर पहुंचे तो परिजनों ने राहत की सांस ली।

इसी प्रकार उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में मजदूरी करने वाला राजसिंह अपने ही गांव के चार अन्य श्रमिकों के के साथ मंगलवार रात को पैदल चलकर घर लौटा। हरियाणा के गुडगांव में काम करने वाले विनोद व हेमसिंह व मथुरा मेें में रोजगार के लिए गए राकेश व जितेन्द्र भी बीती रात को ही सैंकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर घर लौटे। उनके मुताबिक रास्ते में निजी वाहन चालक दुगुना-तिगुना किराया वसूल रहे थे। जो भी होटल और रेस्टोरेंट खुले मिले, वहां भी खाद्य सामग्री व पानी की बोतलों के निर्धारित से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे थे। ठेकेदारों के द्वारा दिए गए रुपए घर पहुंचने से पहले ही खत्म हो गए। ऐसे में रास्ता तो भूखे-प्यासे रह कर पूरा करना पड़ा।

इधर नगर परिषद क्षैत्र के खोखलियान का पुरा निवासी छह जने मंगलवार रात को दिल्ली और गुडगांव से पैदल घर लौटे। दिल्ली में भवन निर्माण श्रमिक का काम करने वाला जलसिंह अपने दो अन्य साथियों समेत घर लौटा है। तो वहीं हरियाणा के गुडगांव की एक फैक्ट्री में काम करने वाले द्वारका व वीरसिंह बुधवार सुबह हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर घर पहुंचे। देर शाम वर्धमान नगर निवासी दो जने भी महाराष्ट्र से निजी वाहन से घर लौट आए।

नहीं हुई स्क्रीनिंग-

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए विदेश व बाहरी रा’यों से लौट रहे लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। लेकिन कोटवास, खोखलियान का पुरा व वैद्यवाड़ा में कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा व उत्तरप्रदेश से लौटे कामगारों की जानकारी प्रशासन को नहीं मिलने के कारण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उनकी स्क्रीनिंग नहीं कर पाया है। ऐसे में पास पड़ोस के लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर भय व्याप्त है।

होम आइसोलेशन में 100 से ’यादा लोग

तहसील में स्थापित नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक हिण्डौन शहर की विभिन्न कॉलोनी व आसपास के गावों में राजस्थान के बाहरी रा’य हरियाणा, दिल्ली, चेन्नई, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक से 101 लोग वापस घर लौट कर आए है। इनको होम आइसोलेशन में रखा गया है। कंट्रोल रूम के अनुसार बुधवार को दूसरे रा’यों से लौटकर आए 30 जनों को 14 दिन के होम आइसोलेनशन में डाला गया है।

इनका कहना है-

परिजन खुद दें जानकारी

दूसरे देश और बाहरी रा’यों से आने वाले लोगों को स्वयं ही जानकारी देकर प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। पड़ोस के लोग भी जानकारी दे सकतें हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनकी स्क्रीनिंग कराई जाकर होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। इससे उन लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए।सुरेश यादव, एसडीएम, हिण्डौनसिटी।

Anil dattatrey Reporting
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