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करौली

…तो कैलामाता के लाखों भक्तों संग अन्य की राह भी होगी सुगम

जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर करौली-हिण्डौन मार्ग स्थित अंजनी माता मंदिर के समीप पांचना नदी पर अब नए पुल की उम्मीद जागी है।

करौलीJun 20, 2024 / 09:42 pm

Suman Saurabh

Proposal sent for a new bridge on Panchna river near Anjani Mata temple

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करौली। जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर करौली-हिण्डौन मार्ग स्थित अंजनी माता मंदिर के समीप पांचना नदी पर अब नए पुल की उम्मीद जागी है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो रियासतकालीन बड़ा पांचना पुल के स्थान पर चमचमाती फोर लेन सड़क के साथ हाई लेबल ब्रिज आगामी वर्षों में नजर आएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भिजवाए गए हैं। करीब 220 करोड़ रुपए के इन प्रस्तावों को यदि सरकार हरी झण्डी देकर स्वीकृत करती है तो आगामी वर्षों में फोर लाइन सड़क के साथ हाई लेबल ब्रिज नजर आएगा।

हाई लेबल ब्रिज बनाने का प्रस्ताव

हाई लेबल ब्रिज बनने से बड़ा फायदा मिल सकेगा। वर्तमान में महज 3 मीटर के पुल पर आवागमन के दौरान परेशानी होती है, वहीं यह क्षतिग्रस्त भी होने लगा है। पुल की चौड़ाई व सुरक्षा दीवारों की ऊंचाई कम है। ऐसे में यदि वाहन कभी अनियंत्रित हो जाए तो खतरे की आशंका बनी रहती है। वहीं एक तरफ से वाहन आने पर दूसरी ओर के वाहन थम जाते हैं। विभाग की मंशा नया पुल बनाने की है, जिसके तहत मांढ़ई गांव से बड़ा पांचना पुल की ओर आ रहे घुमाव को खत्म करते हुए नए पुल के जरिए नदी के दूसरे छोर की सड़क को जोड़ा जाएगा, जिसकी लबाई लगभग एक किलोमीटर होगी।

नए पुल के साथ ही फोर लाइन सड़क का निर्माण होगा, जिससे वाहनों और यात्रियों की आवाजाही सुगमता से हो सकेगी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस 220.20 करोड़ रुपए के प्रस्ताव में पोल शिटिंग और आवश्यकतानुसार भूमि अवाप्ति की राशि भी शामिल है।

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संकरे पुल के कारण होती है आवाजाही में दिक्कतें

बड़ा पांचना पुल की चौड़ाई भी काफी कम है। वर्तमान में यह पुल महज 3 मीटर है, जबकि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। लेकिन एक चौपहिया वाहन के एक ओर से गुजरने के दौरान दूसरे छोर पर अन्य वाहन थम जाते हैं। सामान्य दिनों में दिनभर इस तरह के कई मौके आते हैं। जबकि चैत्र माह में प्रसिद्ध कैलामाता के भरने वाले लक्खी मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद स्थिति और विकट हो जाती है।

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