बिना सुविधाओं का सेवा केंद्र , रोजगार मिल रहा न हो रहे काम

Service centers without facilities, jobs not getting jobsराजीव गांधी सेवा केंद्र पर ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

By: Anil dattatrey

Published: 26 Aug 2020, 10:16 AM IST


पटौदा/हिण्डौनसिटी. ग्रामपंचायतों में राजीव गांधी सेवा केंद्रों पर सरकार भले ही एक छत के नीचे सभी सुविधाएं होने का दावा कर रही है। लेकिन ग्रामपंचायत पटोंदा के राजीव गांधी सेवा केंद्र पर ग्रामीणों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र पर ग्राम विकास अधिकारी के नहीं ठहरने एवं ई-मित्र सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों के आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहे हैं।

पटौदा, कजानीपुर, खेडी चांदला, कुट्टिन का पुरा, जाटवों का पुरा, रेलवे स्टेशन श्रीमहावीरजी, श्यामनगर, सूरज नगर आदि गांव पटौदा पंचायत में लगते हैं। जहां से आए दिन बुजुर्ग महिला, वृद्ध, एवं अन्य लोग पेंशन, जॉबकार्ड, आधार कार्ड ,विधवा पेंशन, जाति, मूल आय प्रमाण-पत्र आदि के हस्ताक्षर कराने ग्रामीण यहां आते हैं। कमोबेश राजीव गांधी सेवा केंद्र बन्द मिलता है, खुला भी मिल जाए तो ग्राम विकास अधिकारी नहीं मिलने से काम अटक जाते हैं। मंगलवार को इस अव्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही तबादला कर दूसरा ग्रामविकास अधिकारी लगाने की मांग कीहै।

ई-मित्र की नहीं है सुविधा-
ग्राम पंचायत पटौदा के राजीव गांधी सेवा केंद्र पर कई साल से ई-मित्र की सुविधा नहीं है। ऐेसे में ग्रामीण अन्य र्ई-मित्र केंद्रों पर निर्धारित से अधिक रुपए देकर कार्य कराने को मजबूर हैं। आधार कार्ड बनाने के लिए कोई सुविधा नहीं है, जबकि विद्यालयों में प्रवेश के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य है। दर्जनों लोग हर रोज आधार कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सुबह ग्रामीण ओमप्रकाश शर्मा, वार्ड पंच प्रभु जाटव, राजेश नाहरवाल, गौरव, सौरभ, अंकुश, जीतू जाट, लोकेश जाट, सोनू , दसरथ कोली आदि राजीव गांधी केंद्र पहुंचे। 11.30 बजे तक ग्रामविकास अधिकारी के नहीं आने से निराश लौटना पड़ा।

नहीं मिल रही मनरेगा में काम
पटौदा ग्राम पंचायत में करीब एक वर्ष से मनरेगा जाबकार्ड धारियों को रोजगार नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत में करीब 1300 जॉबकार्डधारी श्रमिक पंजीकृत हंैं, लेकिन गत दो वर्ष में मात्र तीन मस्टररोल ही चलाई गई हैं। जिनमें करीब 150 श्रमिकों को मात्र 12 से 15 दिन का ही रोजगार मिल पाया। शेष करीब 1200 श्रमिकों को दो वर्ष से एक भी दिन का रोजगार के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामपंचायत में सहायक सचिव का पद दो वर्ष से रिक्त है। ऐसे में मनरेगा कार्य बन्द पड़े हैं।


जॉब कार्ड के लिए भटक रहे ग्रामीण-
ग्राम विकास अधिकारी ने कोरोना काल में गत मार्च, अप्रेल माह में जॉब कार्ड के लिए करीब 70 श्रमिकों ने आवेदन किया था। ग्राम विकास अधिकारी ने मात्र 10 से 12 जॉबकार्ड ही जारी किए। जॉबकार्ड के लिए ग्रामीण चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ग्र्रामीण राधे जाट ने बताया कि उसने मार्च माह के कागज दिए थे, लेकिन चार माह बाद भी जॉबकार्ड नहीं बना है।

रोजगार को तरसे लॉकडाउन में लौटे प्रवासी-
लॉक डाउन में मार्च अप्रेल माह में दिल्ली, मुंबई, भीलवाड़ा, हरियाणा, पंजाब आदि स्थानों से करीब 70 प्रवासी मजदूर ग्राम पंचायत में आए। लेकिन उनमें से एक भी मजदूर को गत चार माह में एक दिन का भी रोजगार नहीं दिया गया। ना ही उनके जॉबकार्ड बनाए गए।

इनका कहना है-
जांच करा,करेंगे कार्रवाई
राजीव गांधी सेवा केंद्र की सुविधाओं को लेकर जानकारी करता हूं। यदि अनियमितता है,तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र गुप्ता
विकास अधिकारी, पंचायत समिति हिण्डौनसिटी

Anil dattatrey Reporting
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