साढ़े पांच माह से सूने मंदिरों में गूंजे जयकारे ,आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन पाकर प्रफुल्लित हुए श्रद्धालु

साढ़े पांच माह से सूने मंदिरों में गूंजे जयकारे

करौली. कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए साढ़े पांच माह से बंद कैलादेवी-मदनमोहनजी मंदिरों में फिर भक्तों की चहल-पहल शुरू हुई और जयकारे गूंज उठे। पहले दिन दोनों मंदिर में श्रद्धालुओं की आवक कम रही। हालांकि सुबह के समय मदनमोहनजी मंदिर में एक साथ अधिक लोगों के आने से मंदिर में प्रवेश के लिए कुछ देर को दर्शनार्थियों की गेट पर कतार लग गई। दोनों मंदिरों में कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रबंधों के बीच भक्तो भक्तों के लिए दर्शनों की व्यवस्था की गई है।

By: Surendra

Published: 07 Sep 2020, 09:04 PM IST

साढ़े पांच माह से सूने मंदिरों में गूंजे जयकारे
आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन पाकर प्रफुल्लित हुए श्रद्धालु
मदनमोहनजी-कैलामाता मंदिरों में कोरोना संक्रमण के बचाव के साथ श्रद्धालुओं को मिला प्रवेश
करौली. कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए साढ़े पांच माह से बंद प्रसिद्ध कैलादेवी-मदनमोहनजी मंदिरों में सोमवार से फिर भक्तों की चहल-पहल शुरू हुई और जयकारे गूंज उठे। पहले दिन सोमवार को दोनों मंदिर में श्रद्धालुओं की आवक कम ही रही। हालांकि सुबह के समय मदनमोहनजी मंदिर में एक साथ अधिक लोगों के आने से मंदिर में प्रवेश के लिए कुछ देर को दर्शनार्थियों की गेट पर कतार भी लग गई। दोनों मंदिरों में कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रबंधों के बीच भक्तों के लिए दर्शनों की व्यवस्था की गई है।
कैलादेवी मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। जो दर्शन करने को पहुंचे उनमें कस्बे के तथा आसपास के इलाकों श्रद्धालु ही अधिक थे। बाहर के यात्री अभी नहीं आए हैं।
मंदिर प्रशासन ने कोरोना से बचाव को लेकर मंदिर परिसर में जगह-जगह सेनेटाइजर के प्रबंध किए हुए थे। मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश करते ही प्रत्येक दर्शनार्थी की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। मंदिर प्रांगण में सेनेटाइजर मशीन स्प्रे मशीन, लगाई गयी है। पूरे परिसर को बार बार सैनिटाइज किया जा रहा है। मन्दिर में फूल माला , भोग प्रसाद लेकर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। गेट पर ही भोग, माला को एक पात्र में डाला जा रहा है। मन्दिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग अलग व्यवस्था है। मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक महेशचन्द शर्मा सहित अन्य कार्मिक व्यवस्थाओं को संभाले रहे।

इसी प्रकार करौली के प्रसिद्ध मदनमोहन जी के मंदिर में भी सोमवार से श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए प्रवेश दिया गया। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए प्रवेश देने से उनमें खुशी छा गई। सुबह 9.30 बजे श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू किया गया। इस दौरान मंदिर के बाहर दर्शन करने वालों की कतार लग गई। यहां पर मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन के निर्देश के अनुसार लोगों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर ही रस्सियां बांधकर एक तरफ से प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई। गोपालजी मंदिर के समीप के रास्ते से मंदिर जाने की व्यवस्था की गई। वहीं वापसी में पुरानी नगरपालिका की ओर से श्रद्धालुओं को निकाला गया। एक बार में 50 श्रद्धालुओं को अन्दर प्रवेश दिया गया। मंदिर में दर्शनार्थियों को साबुन के घोल के पानी से हाथ-पैर धोने और सेनेटाइजर के प्रयोग के बाद ही प्रवेश दिया । मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने सोश्यल डिस्टेंस की पालना करते हुए दर्शन किए। मंदिर कार्मिकों ने श्रद्धालुओं को अधिक देर मंदिर में ठहराव नहीं करने दिया। इस दौरान मंदिर प्रबंधक मलखान पाल व अन्य कार्मिक व्यवस्थाएं संभाले रहे। साथ ही जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात रहे। व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाशचन्द, कोतवाली थानाधिकारी दिनेश मीना, टाउन चौकी प्रभारी महेश शर्मा आदि भी मंदिर पहुंचे और व्यवस्थाओं को देखने के साथ निर्देश दिए।

Surendra Bureau Incharge
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